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Bhopal gang rape case: जानिये महिलाओं के साहस से कैसे पकड़ा गया आरोपी गोलू?

पुलिस की लापरवाही के बाद पीड़िता के परिजनों ने ही आरोपियों को पकड़ने का बीड़ा उठाया, और आरोपियों के ठिकानों पर जाकर ही उन्हें दबोच भी लिया।

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bhopal rape case

भोपाल। भोपाल में छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के बाद गोलू उर्फ बिहारी बुधवार सुबह करीब 11 बजे नहाकर घर के पास आठ लोगों के साथ बैठकर आराम से ताश-पत्ते खेल रहा था। इस दौरान अचानक वहां ऑटो रिक्शा से एक पुरुष और दो महिलाएं उतरीं। इन महिलाओं ने चेहरे पर स्कार्फ बांध रखा था।

इस दौरान आदतन अपराधी गोलू उर्फ बिहारी रात में जघन्य अपराध करने के बाद भी सामान्य था। यहां फड़ में जमे लोग कुछ समझ पाते, तभी दोनों महिलाएं सीधे गोलू के करीब पहुंची और उनमें से युवती ने कहा क्यों रे गोलू... पहचाना कहते हुए चेहरे से स्कार्फ हटा दिया। स्कार्फ हटने के बाद जैसे ही वह कुछ समझ पाता तब तक महिलाएं उसका गिरेबान पकड़कर घसीटा और पिटाई करते हुए साथ ले गईं।

इस घटना से मानसरोवर कॉम्पलेक्स के पास स्थित झुग्गी बस्ती शांति नगर फेस-2 में हुई इस घटना से हड़कंप मच गया। इसके कुछ ही देर बाद पुलिस ने इसी बस्ती में रहने वाले गोलू उर्फ बिहारी चढ़ार के साथी अमर उर्फ छोटू को भी उठा लिया।

वहीं छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दोनों की निशानदेही पर तीसरे आरोपी रमेश को भी गिरफ्तार कर लिया। वहीं मामले के प्रत्यक्षदर्शी रमेश कुमार ने बताया कि गोलू आदतन अपराधी होने के साथ ही गांजे के नशे का आदी है।

जेल से छह माह पहले ही छूटे हैं दोनों आरोपी :
आरोपी गोलू का बचपन रेलवे स्टेशन के आसपास फुटपाथ पर ही गुजरा है। नाबालिग अवस्था में भी उसने एक संगीन जुर्म किया था। इसके बाद 2014 में वह एक महिला के वहीं लिव इन में रहने लगा था, लेकिन वह महिला के दुधमुंहे बच्चे को अपनाना नहीं चाहता था। जिसके चलते उन दोनों ने बच्चे को पटरी पर फेंक दिया था। सूचना मिलने पर रेलवे पुलिस ने गोलू और उसकी प्रेमिका के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।

यह मामला अभी विचाराधीन है। बाद में महिला को छोड़कर वह शांति नगर में आकर रहने लगा। यहां उसने एक युवती से शादी कर ली। जबकि युवती की बहन ने गोलू के दोस्त अमर के साथ शादी कर ली। अमर और गोलू दोनों पन्नी बीनने का काम करते हैं। इसकी आड़ में वे चोरी की वारदात को भी अंजाम देते हैं। और चोरी का माल बस्ती में ही एक कबाड़ी को बेच देते हैं।
अमर को कुछ समय पहले हबीबगंज पुलिस ने एक रिटायर्ड आईजी के यहां चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। सूत्रों के अनुसार चोरी का माल खरीदने के आरोप में पुलिस ने यहां के कबाड़ी के भाई को भी गिरफ्तार किया था। अमर छह माह पहले ही जेल से छूटा है। वहीं तीसरा आरोपी रमेश स्टेशन के पूर्वी क्षेत्र में झाड़ियों के बीच झोपड़ी बनाकर रहता था। आरोप है कि वह भी पन्नी बीनने की आड़ में चोरी करता रहा है।

14 साल की बच्ची की रेप बाद हत्या हो चुकी हैं यहां:
इसी शांति नगर में वर्ष 2011 में पुलिस कॉलोनी रहने वाली 14 वर्षीय लड़की की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। उसका शव पुलिस ने बुदनी के जंगल से बरामद किया था। इस मामले में लोगों ने आरोपी की दुकान में आग लगा दी थी। बाद में प्रशासन ने यहां से सभी गुमठियां हटवा दी थी, लेकिन धीरे-धीरे फिर से यहां कबाड़े की दुकानें लग गई हैं।

नशेड़ियों की पसंदीदा जगह
एमपी नगर से लेकर पटरी के किनारे हबीबगंज रेलवे स्टेशन तक का स्थान नशेड़ियों की पसंदीदा जगह है। यहां अक्सर गांजा और ब्राउन शुगर पीते लोगों को देखा जा सकता है। आरोप है कि इनमें से अधिकांश आपराधिक तत्व होते हैं।