25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

3 और 4 दिसंबर को लगेगी एग्जीबिशन, कीकू लियोरी, पॉमपॉम से खिल उठेगी बगिया

ठंड के मौसम में अपनी रंगत बिखरने वाला यह फूल नवंबर के आखिरी हफ्ते तक फुल ब्लूमिंग में होगा...

2 min read
Google source verification
different-types-of-zinnnias-growing-in-the-garden.jpg

garden

भोपाल। ठंड का मौसम आते ही गुलदाउदी प्रेमियों ने अपनी बगिया में इसे तैयार करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार अच्छी बारिश के बाद राजधानी में ठंड भी कड़ाके ही होगी। इसे देखते हुए एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बार गुलदाउदी की विभिन्न प्रजातियों में फूल भी अच्छे खिलेंगे। इस बार गुलदाउदी एग्जीबिशन का आयोजन 3 और 4 दिसंबर को होने जा रहा है। ठंड के मौसम में अपनी रंगत बिखरने वाला यह फूल नवंबर के आखिरी हफ्ते तक फुल ब्लूमिंग में होगा।

एमपी रोज सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष एसएस गद्रे ने बताया कि इस फूल को दो स्टाइल में लगाया जाता है। एक पुराने पेड़ों से निकलने वाले सकर्स से और दूसरा कटिंग से। कटिंग से पहले छोटे-छोटे और फिर फैलाव के लिए बड़े गमलों में लगाया जाता है।

ऐसे करें गुलदाउदी की देखभाल

गद्रे के अनुसार गुलदाउदी को खास देखरेख चाहिए। इसके बड़े फूल अगस्त में और छोटे जून में आते हैं। इसके पौधे को डेढ़ इंच से ज्यादा मिट्टी में नहीं दबाना चाहिए। गमले में दिए पानी निकासी के छेद पर शेप का मिट्टी या अन्य टुकड़ा रखें। मिट्टी बनाने के लिए 30 प्रतिशत गोबर की खाद और 60 प्रतिशत काली मिट्टी और 10 प्रतिशत रेत का इस्तेमाल किया जाता है। हर सप्ताह गुड़ाई करें ताकी फूल बड़े आएं। 15 दिन में कराटे नामक कीटनाशक का स्प्रे जरूर करें।

कलम से तैयार किया जाता है नया पौधा

गुलदाउदी के अच्छे प्लांट के लिए उसकी कलम (ब्रांच) से नया पौधा तैयार करना चाहिए। यह कॉकपिट पर भी तैयार किया जा सकता है। इसके एक माह बाद चार से छह इंच के गमले और बड़ा होने पर आठ इंच तक के गमले में शिफ्ट कर देना चाहिए। गुलदाउदी को ज्यादा बड़े गमलों की जरूरत नहीं होती है। फ्लैट कल्चर में मिट्टी मिलाना कठिन होता है। इस तरह पौधे लगाने के लिए सिंडर (जली इंटें या कोयले) और बॉयलर कोयले का उपयोग किया जाता है। इसमें मिट्टी की जरूरत नहीं होती है। पौधे में ऑर्गेनिक खाद डालें। हर हफ्ते एक चम्मच कैस्टर सीड्स डालते रहें, जब तक कलियां नजर न आ जाएं।

जमीन या गमले में बना रहे मॉइश्चर

गद्रे के अनुसार कट फ्लॉवर या गमले के फूल वाली गुलदाउदी के लिए नमी बनाए रखें। इसके लिए पौधे को दिन में एक बार पानी दें, लेकिन अतिरिक्त पानी दें। इसके साथ ही हफ्ते में एक बार खली का पानी दें और पोटाश स्प्रे भी, इससे फूल गमले में बना रहेगा और जल्दी नहीं झड़ेगा। गुलदाउदी की बड़े फूलों में स्नोबॉल, सोनार बंगला, अल्फ्रेड सिंमसन, किकू बिहावरी, कोका गाउन, हनी यैलो नाइट, महात्मा गांधी प्रमुख है।