17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गायत्री शक्तिपीठ के मास्टर ट्रेनर मोबाइल, इंटरनेट से प्रशिक्षण देकर तैयार कर रहे मोबाइल पंडित

- मोबाइल पंडित कर्मकांड एप से यज्ञ और कर्मकांड का दिया जा रहा प्रशिक्षण- अब तक शहर की २१ कॉलोनियों और ४ स्कूलों में प्रशिक्षण कार्यक्रम

2 min read
Google source verification
gayatri shakti pith

gayatri shakti pith

भोपाल
गायत्री परिवार की ओर से आने वाले २ जून को देश भर में एक साथ एक ही समय पर २ लाख ४० हजार घरों में एकसाथ महायज्ञ किए जाएंगे। इसी के तहत भोपाल जिले में ११ हजार घरों में गायत्री यज्ञ कराया जाएगा। इसके लिए इन दिनों शहर की कॉलोनियों में गायत्री परिवार के मास्टर ट्रेनर मोबाइल, इंटरनेट के जरिए लोगों को यज्ञ और कर्मकांड का प्रशिक्षण देकर यज्ञ आचार्य तैयार कर रहे हैं। मोबाइल पंडित कर्मकांड एप के जरिए यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

गृह-गृह गायत्री महायज्ञ शृंखला के तहत पूरे देश में गायत्री महायज्ञ का समय सुबह ७ से १२:३० बजे तक आयोजित किया जाएगा। इसी के लिए इन दिनों यज्ञ आचार्यों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण को मोबाइल पंडित प्रशिक्षण नाम दिया गया है। इसमें लोगों को मोबाइल एप, यू-टूब के जरिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है, साथ ही पम्पलेट आदि के जरिए भी लोगों को यज्ञ विधि आदि समझाई जा रही है। गायत्री शक्तिपीठ युवा प्रकोष्ठ के रमेश नागर ने बताया कि इस यज्ञ की हवन विधि के लिए मोबाइल पंडित के लिए यू- टूब पर पं. चंद्रभूषण मिश्र या एेसे करे हवन प्रेक्टिकल सर्च कर यज्ञ, कर्मकांड सीख सकते हैं। प्रशिक्षण प्र्रभाकांत तिवारी, आरपी हजारी, सुरेश कवडक़र, केएन शर्मा, अंजू परिहार, श्रावण गीते सहित अन्य मास्टर प्रशिक्षकों द्वारा दिया जा रहा है।

अब तक ६०० से अधिक लोगों को प्रशिक्षण
शहर में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पिछले कुछ दिनों से लगातार चलाया जा रहा है। मिनालकॉलोनी, भवानी धाम फेज दो, रेलवे कॉलोनी, सेमरा ,आनंद नगर , राम कॉलोनी, दीपमोहनी कॉलोनी, कटारा हिल्स, कोलार क्षेत्र सहित २१ कॉलोनी में प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जा चुके हैं। इसमें ६०० से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। हर कॉलोनी में लगभग २० लोगों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी प्रकार आगे शक्ति नगर, साकेत नगर, राजीव नगर, प्रकाश नगर आदि कॉलोनियों के पंजीयन हो चुके हैं। जो कॉलोनी यह प्रशिक्षण कराना चाहती है, वह पंजीयन करवा सकते हैं।