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घोड़ाडोंगरी उपचुनाव : मंगल और प्रताप का मुकाबला

भाजपा-कांग्रेस ने खोले पत्ते, घोषणा के साथ ही उम्मीदवारों ने शुरू किया चुनाव प्रचार

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Krishna singh

May 10, 2016

Ghoradongri elections

Ghoradongri elections

संघ की पसंद के धुर्वे पर भाजपा का दांव
भोपाल. भाजपा ने घोड़ाडोंगरी से प्रत्याशी का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने संघ और सांसद के दबाव के चलते दिवंगत विधायक सज्जन सिंह उइके की पत्नी गंगा बाई की दावेदारी को दरकिनार कर मंगल सिंह धुर्वे को टिकट दिया है। वे जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर काबिज हैं। रविवार को प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में चार नामों पर मंथन हुआ था। टिकट की दौड़ में सज्जन सिंह की पत्नी गंगा बाई का नाम आगे चल रहा था। वे सीएम व प्रदेशाध्यक्ष से मिलकर दावा जता चुकी थीं। उन्हें टिकट का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन ऐनवक्त पर टिकट काटा गया। संघ और सांसद हेमंत खंडेलवाल पूरी तरह से मंगल के साथ खड़े थे। संघ के दबाव में रायशुमारी कराई गई। मंत्री रामपालसिंह ने रायशुमारी के बाद टिकट की सिफारिश की।

ये रहेगी मजबूती
मंगल के साथ संघ पूरी ताकत से जुटेगा। वे सांसद की भी पसंद है। दोनों समीकरण उन्हें फायदा पहुचाएंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर रहते मंगल की क्षेत्र में सक्रियता और पकड़ बरकरार है। वैसे भी यह सीट भाजपा का गढ़ मानी जाती रही है।

ये रहेगी चुनौती
मंगल की बड़ी चुनौती भितरघात से निपटने की होगी। गंगा बाई के अलावा पूर्व विधायक गीता उइके प्रबल दावेदार थीं। इनकी टीम मंगल के साथ पूरी तरह से खड़ी होना मुश्किल है।

गंगा ने जताई नाराजगी
पति के निधन के बाद टिकट की आस में लगी गंगा बाई को तगड़ा झटका लगा है। वे टिकट मिलने के भरोसे पर नौकरी से इस्तीफा दे चुकी थीं। उन्होंने पार्टी को चेतावनी दी है कि वे भाजपा छोड़ देंगी। उन्हें मनाने की कोशिश चल रही है। उनके बेटे का नाम पहले आया था, पर आपराधिक छवि की वजह से इंकार कर दिया गया। गंगा के मुताबिक संगठन ने टिकट का वादा किया था। वे पार्टी छोडऩे का मन बना चुकी हैं।

केंद्रीय नेतृत्व को तीन नामों का पैनल भेजा गया था। सीट पर रायशुमारी के आधार पर मंगल सिंह का दावा मजबूत मिला। संगठन ने जीतने वाले नेता को टिकट दिया है। इस सीट पर जीत हमारी तय है।
-नंदकुमार सिंह चौहान, प्रदेशाध्यक्ष भाजपा


इधर...कांग्रेस ने पूर्व मंत्री पर जताया भरोसा
घोड़ाडोंगरी उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने सोमवार को उम्मीदवार के नाम का एलान कर दिया। कांगे्रस ने दिग्विजय सिंह सरकार में राज्यमंत्री रहे प्रताप सिंह उइके पर भरोसा जताया है। उइके के नाम के एलान के साथ ही सक्रियता बढ़ गई है। कांग्रेस उइके को क्षेत्र के लिए जिताऊ उम्मीदवार मान रही है। नाम का एलान करने से पहले पार्टी ने सर्वे कर जानकारी जुटाई। यहां प्रताप सिंह के अलावा ब्रह्मा का नाम भी था। ब्रह्मा 2013 के चुनाव में भाजपा के सज्जन सिंह उइके से चुनाव हारे थे। इनकी हार का अंतर बहुत कम था, इसलिए इनके नाम पर विचार हुआ, लेकिन उइके यहां के लिए अधिक मजबूत माने गए। मालूम हो प्रताप सिंह ने चुनाव में चार बार किस्मत आजमाई। वे 1993 और 1998 में चुनाव जीते, जबकि वर्ष 2004 और 2008 में चुनाव हार चुके हैं।

प्रताप का मजबूत पक्ष
दो बार विधायक रहे उइके ने क्षेत्र में कई विकास कार्य कराए। सर्वसम्मति से नाम तय होने का लाभ भी इन्हें मिलेगा।

चुनौतियां
सीएम ने एक के बाद एक घोषणाएं की। एेसे में उन्हें मतदाताओं का भरोसा जीतना चुनौती से कम नहीं।

कांग्रेस चुनाव जीतेगी
घोड़ाडोंगरी में कांग्रेस चुनाव जीतेगी। मतदाताओं का भाजपा सरकार से भरोसा उठा है। सरकार लगातार वादाखिलाफी कर रही है। इसका कांग्रेस को लाभ मिलेगा।
-अरुण यादव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष


उम्मीदवार बोले : पुरानी घोषणाओं को दोहरा रहे सीएम :उइके
कांग्रेस उम्मीदवार प्रताप सिंह उइके का कहना है कि भाजपा शुरू से ही मतदाताओं के साथ वादाखिलाफी करती आई है। मुख्यमंत्री चौहान ने 8 साल पहले चोपना के लोगों से अस्पताल का वादा किया था, लेकिन आज तक वहां अस्पताल नहीं खुला। वे बताते हैं कि हाल ही में उन्होंने यहां 5 करोड़ से क्षेत्र में पुल बनवाने की घोषणा की। वे आश्चर्य व्यक्त करते हैं इसका इस्टीमेट बना नहीं और इसके पहले ही सीएम ने लागत की घोषणा कर दी। एक अन्य सवाल पर कहा कि विपक्ष होने के कारण हमारी टक्कर सीधे तौर पर सरकार से है, लेकिन हम हार मानने वाले नहीं हैं।