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अस्पताल के पांचवे माले पर है भूतों का डेरा, नहीं जाते मरीज, पढ़े पूरी खबर

पांचवें मंजिल पर बने 20 कमरों के प्रायवेट वार्ड डेढ़ साल से ताले में बंद

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भोपाल/ शहर के अस्पताल में भूतों का डेरा। शायद आप चौंक गए होंगे लेकिन यह सही है। बीते सात साल से इस अस्पताल का पांचवा फ्लोर भूतों के डर से बंद है। शहर के इंदिरा गांधी महिला एवं बाल्य चिकित्सालय में पांचवें मंजिल पर बने 20 कमरों के प्रायवेट वार्ड डेढ़ साल से ताले में बंद हैं। सूत्रों की मानें तो भूतों की अफ वाहों के चलते 5वीं मंजिल पर बने प्रायवेट वार्ड बंद हैं।

सात साल पहले जब ये मामला उठा तो अस्पताल प्रबंधन ने इसमें मरीजों को भर्ती कर इलाज करना शुरू किया था। लेकिन डेढ़ साल पहले इसे फिर से ताले में बंद कर दिया गया। इंदिरा गांधी महिला एवं बाल्य चिकित्सालय के पांचवें फ्लोर पर 20 प्रायवेट रूम बने हुए हैं। शहर में पांच लाख से ज्यादा आबादी गैस पीडितों की है। इन मरीजों को श्वांस,दमा,केंसर और दिव्यांगता सहित नवजात शिशुओं को भी कई तरह की समस्यायें होतीं हैं।

अस्पताल की ओपीडी में रोजाना आठ सौ से एक हजार मरीज इलाज कराने पंहुचते हैं। 150 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में रोजाना 30 से 40 मरीज भर्ती होते हैं। प्रायवेट वार्ड बंद होने की वजह से जहां मरीजों को परेशानी का सामना करना पडता है वहीं अस्पताल प्रबंधन को भी हर महीने आर्थिक नुकसान हो रहा है।


अधीक्षक बोले टॉयलेट का पानी नीचे के फ्लोर पर आता है

इंदिरा गांधी महिला एवं बाल्य चिकित्सालय के अधीक्षक डा. सुनील गुप्ता का कहना है कि भूतों की अफवाहों वाली बात पूरी तरह गलत है। जब नीचे के फ्लोर पर कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था। तब उसी पांचवीं मंजिल पर मरीज भतीज़् रहे और इलाज किया गया। लेकिन 5वें फ्लोर पर टॉयलेट के सीवेज की व्यवस्था सही नहीं हैं। दूसरे-तीसरे मंजिल पर सीवेज का पानी लीकेज होता है। इस वजह से इसे बंद किया गया है। टॉयलेट के सुधार का काम सीपीए को कराना है।