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स्टाइलिश बैग्स से गर्ल्स अपना रहीं परफेक्ट लुक.. देखें ट्रेंडिंग स्टाइल!

बास्केट और डॉक्टर बैग्स का ट्रेंड
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भोपाल

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Deepesh Tiwari

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Updated: 21 Apr 2018, 8:13 PM IST

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भोपाल। मौका चाहें पार्टी का हो या गेट टुगेदर का। ऑफिस जाना हो या कोई फंक्शन अटेंड करना हो। एक चीज जो हमेशा लड़कियों के साथ रहती है, वह है उनका हैंडबैग। हैंडबैग लड़कियों के कम्पेनियन की तरह काम करता है। इसलिए जरूरत और ओकेजन को ध्यान में रखते हुए ही हैंडबैग का चुनाव करना चाहिए। हैंडबैग स्टाइल का अहम हिस्सा है, ऐसे में अगर इसे इग्नोर किया जाए तो यह अपने फैशन को मिसमैच कर देता है। इन दिनों मार्केट में बैग्स की कई नई वैराइटी अवेलेबल कराई जा रही है जो आपके स्टाइल को पूरा करने में मदद करेंगे। कॉलेज गोइंग गल्र्स बैकपैक बैग्स ज्यादा पसंद कर रही हैं। ये जीन्स और वेस्टर्न वियर पर तो फबता ही है, साथ ही ज्यादा सामान रखने में भी मददगार है। ऑफिस गोइंग गल्र्स के लिए बास्केट और डॉक्टर स्टाइल वाले हैंडबैग बिल्कुल फिट हैं। मार्केट में इसकी नई रेंज इन हुई है।

शिमर की डिमांड

पार्टी और वेडिंग में गल्र्स की फस्र्ट च्वाइस होते हैं शिमर पैटर्न। शिमर पैटर्न में ब्लैक, गोल्डन, वाइट कलर क्लच सभी तरह के ड्रेसेज के साथ मैच किए जा सकते हैं। मार्केट में क्लच में शिमर पैटर्न की डिमांड बढ़ रही है।

स्लिंग में डार्क कलर शेड्स का ट्रेंड

पहले जहां स्लिंग में लाइट पिंक, क्रीम, लाइट ब्राउन शेड्स पसंद किए जाते थे, वहीं अब कलर्स को लेकर टेस्ट चेंज हुआ है। स्लिंग बैग्स में कलर थीम को लेकर ही मेन चेंज आया है। अब गल्र्स लाइट की कंपेरिजन में डार्क शेड्स को ज्यादा पसंद कर रही हैं। इसमें ब्लू, येलो, रेड और ग्रीन के शेड्स ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं।

दो दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम 23 से

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) में 23 और 24 अप्रैल को युवा उद्यमियों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया जा रहा है। इसमें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का लाभ लेने वालों के लिए एंटरप्रेन्योरशिप से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर 8 सत्र आयोजित होंगे। इसमें पहला सत्र फैशन में बिजनेस पर रहेगा जिसके तहत इनोवेटिव एबिलिटी, नॉलेज ऑफ द फैशन, रिस्क टेकिंग, रिस्क टेकिंग प्रोपेंसिटी, मार्केट एनालिसिस, स्वॉट एनालिसिस विषय पर जानकारी दी जाएगी। अन्य सत्रों के विषय मेन्यूफेक्चरिंग को डिजाइन प्रोसेस और रिटेल आउटलेट से जोडऩे, फैशन बिजनेस में इ-कॉमर्स, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए बैंकिंग, अपेरल एक्सपर्ट बिजनेस, इ-प्रोक्योरमेंट और वेंटर डेवलपमेंट होंगे।