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Good News: प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों को मिलेगी ग्रेच्युटी, सरकारी शिक्षकों को भी मिलने वाली है कई सौगात

good news - मध्यप्रदेश के सरकारी और प्राइवेट स्कूल के शिक्षकों के लिए अच्छी खबरें...।

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भोपाल

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Manish Geete

Sep 01, 2022

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भोपाल। मध्यप्रदेश के शिक्षक जगत में गणेश उत्सव कई शुभ-लाभ लेकर आया है। प्रदेश सरकार सरकारी शिक्षकों को खुद का घर बनाने के लिए अंशदान देने वाली है। साथ ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) शिक्षक दिवस के दिन कई अन्य सौगात भी देने की घोषणा करने वाले हैं। इधर, गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने निजी स्कूलों के शिक्षकों के लिए भी बड़ा फैसला दिया है। अब इन्हें भी ग्रेच्युटी का अधिकार मिल जाएगा।

राज्य सरकार शासकीय अंशदान से खुद का घर बनाने, हायर पर्चेस मॉडल, एन्युटी मॉडल के साथ ही निजी आवासीय कॉम्पलेक्स किराए पर लेकर आवास उपलब्ध करवाने के लिए एक नीति बनाने जा रही है। इसके लिए सरकार ने एक समिति भी गठित कर दी है। इस नीति के तहत पात्र सरकारी कर्मचारियों को लंबी अवधि तक शासकीय अंशदान से खुद का आवास गृह उपलब्ध कराने के वित्तीय तथा क्रियान्वयन प्रस्ताव तय किए जाएंगे। निजी आवासीय भवनों, अपार्टमेंट को लंबी अवधि तक लीज, मकान आवंटन की व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री 4 सितंबर को देंगे कई सौगातें

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 4 सितंबर को 18 हजार से अधिक चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपने वाले हैं। इसके लिए राज्य सरकार की तरफ से राजधानी के जंबूरी मैदान पर बड़ा आयोजन हो रहा है। इस आयोजन में शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के नए चयनित शिक्षकों को ट्रेनिंग देंगे, साथ ही उनके प्रोबेशन की समयावधि कम करने की घोषणा कर सकते हैं।

प्राइवेट स्कूल शिक्षकों के लिए अच्छी खबर

इधर, सरकारी कर्मचारियों के बाद प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों के लिए गुरुवार को दिल्ली से अच्छी खबर आई है। सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में प्राइवेट टीचरों को भी ग्रेच्युटी के दायरे में रखा है। यह भी कहा है कि जो शिक्षक 1997 के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं, उन्हें भी संबंधित स्कूलों को ग्रेच्युटी देनी होगी। देश की शीर्ष अदालत ने निजी स्कूलों को ग्रेच्युटी का अधिकार देने वाले 2009 के कानून को बरकरार रखने का फैसला सुनाया है। उल्लेखनीय है कि जस्टिस संजीव खन्ना और बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने इंडिपेंडेंट स्कूल्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा दायर 20 से अधिक याचिकाओं को खारिज करते हुए फैसला सुनाया है। इस फैसले का देशभर के लाखों शिक्षकों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा।