
भोपाल। देश और दुनिया की जानकारी को एक टच पर हासिल करने के सबसे बड़े प्लेटफार्म सोशल मीडिया पर मध्यप्रदेश सरकार ने आंखें तरेर ली हैं। प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार वाले तकनीकी शिक्षा मंत्री जोशी ने बयान दिया है कि सोशल साइट्स अपराध की बड़ी जड़ बन गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही इसके लिए कानून बनाएगी और अगले विधानसभा सत्र में सोशल साइट्स पर लगाम लगाने के लिए बिल लाया जाएगा। मंत्री स्वर में सुर मिलाते हुए मुख्यमंत्री ने भी नए कानून का समर्थन कर इस बात बाल की ओर इशारा किया है कि सरकार इसके लिए गंभीर है और जल्द ही इस पर बिल लाया जा सकता है।
क्या है सोशल मीडिया
सोशल मीडिया एक ऐसा माध्यम है जो प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और समानांतर मीडिया से अलग है। सोशल मीडिया इंटरनेट के माध्यम से एक वर्चुअल वर्ल्ड बनाता है जिसे उपयोग करने वाला व्यक्ति सोशल मीडिया के किसी प्लेटफॉर्म फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम आदि का उपयोग कर पहुंच बना सकता है। सोशल मीडिया के लिए कोई बाध्यता नहीं है। इसके प्लेटफार्म पर यूजर खुद ही जानकारियां, फोटो और वीडियो अपलोड कर सकता है।
खड़े हुए सवाल
मंत्री दीपक जोशी के बयान के बाद इसे लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मंत्री के बयान के अनुसार सोशल मीडिया आज के समय में अपराध की जड़ बन गए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के साथ ही टीवी और पोर्नोसाइट को भी निशाना बनाया है। मंत्री के अनुसार अब प्रदेश के स्कूलों में संस्कार वाली शिक्षा पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि टीवी और सोशल मीडिया से बच्चे डिप्रेशन में भी जा रही हैं इसी के कारण आत्महत्या, अपराध जैसे संगीत अपराधों की ओर अग्रसर हो जाते हैं। सरकार इस पर कानून बनाकर सोशल साइट पर न केवल निगाह रखेगी बल्कि इस पर लगाम भी कसेगी। विधानसभा के अगले सत्र में इस पर कानून बनाने को लेकर भी चर्चा की जाएगी।
सोशल मीडिया के साइड इफेक्ट
सकारात्मक: सोशल मीडिया सकारात्मक भूमिका अदा करता है जिससे किसी भी व्यक्ति, संस्था, समूह और देश आदि को आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक रूप से समृद्ध बनाया जा सकता है। सोशल मीडिया से देश में करप्शन पर भी लगाम लगी है जनता इसका सहारा लेकर दोषियों को बेनाक करने में नहीं चूकती।
नकारात्मक: वहीं सोशल मीडिया का उपयोग कुछ लोगों ने नकारात्मक कामों के लिए भी किया है। सोशल मीडिया का सबसे ज्यादा दुरुपयोग धर्म के नाम पर एक दूसरे की भावनाओं को आहत करने के लिए भी किया गया है। सोशल साइट्स पर डली सामग्रियों से कई स्थानों पर सांप्रदायिक वैमनस्य भी बढ़ा है।
Updated on:
15 Dec 2017 02:22 pm
Published on:
15 Dec 2017 02:22 pm
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