
गौशाला में मृत गायों को नोंच खाया चील और कौओं ने, ग्राम प्रधान से की शिकायत को मिली हैरानी वाला जवाब
भोपाल। राज्य में एक हजार से अधिक गौशाला बना रही सरकार ने लोगों को घर बैठे गौ सेवा का मौका दिया। गौ सेवा के लिए लोगों से दान मांगा लेकिन दानदाता आगे नहीं आए। करीब छह माह में मात्र छह हजार 692 रुपए का दान ही लोगों ने किया।
गाय सड़कों में लावारिश न घूमें बल्कि उन्हें रहने के लिए अच्छी सुविधा मिले, इसके लिए सरकार कर्म के साथ धर्म को जोड़ते हुए दान की व्यवस्था शुरू की। सरकार का मानना है कि लोग गौ सेवा तो करना चाहते हैं लेकिन व्यस्तताओं के चलते वे चाहते हुए भी ऐसा नहीं कर पाते। घरों में इतना स्थान नहीं है कि लोग गायों को पाल सके, इसलिए लोग गौशाला के लिए दान देकर या फिर गायों के चारा इत्यादि का खर्च उठाकर उन्हें गोद ले सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन दान की व्यवस्था है। गौपालन बोर्ड की विभागीय बेवसाइड में प्रोफार्मा दिया गया है।
दानदाताओं की सूची ऑनलाइन -
गौशाला बोर्ड की विभागीय बेवसाइड में दानदाताओं की सूची ऑनलाइन की गई है। ऑनलाइन की गई सूची में 35 रुपए से लेकर 1100 रुपए तक दान का उल्लेख है। इसी बेवसाइड में बताया गया है कि अभी तक कुल 6692 लोगों ने राशि दान की है।
तीन लाख दो 10 साल के लिए गोद लो -
योजना के तहत 3 लाख रुपए देकर कोई भी व्यक्ति गाय को 10 साल के लिए गोद ले सकता है। यदि कोई कम समय के लिए गाय को गोद लेना चाहता है तो इसकी भी व्यवस्था है। इसमें 15 दिन के लिए 1100 रुपए और एक साल के लिए 21 हजार रुपए निर्र्धारित है। इस राशि से गाय के चारा इत्यादि की व्यवस्था की जाएगी। गौशाला में बोरबेल, शेड इत्यादि के लिए भी राशि दान दिए जाने का प्रावधान है।
Published on:
29 Dec 2019 10:05 am
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