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दोगुनी आय का जुमला छोड़, लहसुन-प्याज का लागत मूल्य ही किसानों को दे दे सरकार

किसानों को फसल का उचित मूल्य नहीं मिला तो किसानों के साथ आंदोलन करेगी कांग्रेस

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दोगुनी आय का जुमला छोड़, लहसुन-प्याज का लागत मूल्य ही किसानों को दे दे सरकार

दोगुनी आय का जुमला छोड़, लहसुन-प्याज का लागत मूल्य ही किसानों को दे दे सरकार

भोपाल। किसानों को फसल के उचित दाम (price) नहीं मिलने से आंदोलित किसानों को कांग्रेस का साथ मिल गया है। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में लहसुन-प्याज (onion) की बोरियां लेकर पहुंचे कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने मीडिया से चचार् करते हुए कहा कि प्रदेश के किसान लहसुन और प्याज 50 पैसे प्रति किलो के भाव पर बेचने के लिए मजबूर हैं। कुछ तो अपने खून पसीने से उगाई हुई फसल को नदी नालों में बहा रहा है। मंडी में अपनी फसल लेकर आने वाले किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों को उचित दाम नहीं मिला तो कांग्रेस किसानों के साथ मिलकर आंदोलन करेगी।उन्होंने कहा कि 50 से 100 रुपए की बोरी लहसुन-प्याज की बिक रही है और रजिस्टर में एंटी 325 रुपए की जा रही है। किसानों को प्याज खरीदी की रसीद तक नहीं दी जा रही। सरकार सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी कर रहे हैं। एक बीघा में 35 से 40 मजदूर लगते हैं और एक क्विंटल में 40 हजार की लागत लगती है। सरकार अपनी नीति और नियत को छोडे़, किसानों के साथ न्याय करे और उचित दाम पर प्याज-लहसुन की खरीदी करे।

वहीं कृषि मंत्री कहते हैं मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जिसने किसानाें की आय दोगुनी की है, उस मंत्री को एक पल भी मंत्री पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है, जो किसानों के जले पर मरहम लगाने के बजाय, उनके जले पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं।

चौधरी ने कहा कि वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी किसानों की आय दोगुनी की जायेगी। किसान की आय दुगनी करना तो दूर किसान को अपनी फसल का लागत मूल्य तक नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मंडी प्रशासन पर आरोप लगाते हुए सरकार से मांग की है कि सरकार को प्याज एवं लहसुन का समर्थन मूल्य घोषित करना चाहिए, ताकि किसान को इसका लाभ मिल सके और किसानों को नुकसान ना उठाना पड़े। उन्होंने तंज कसा कि सरकार (Government) करोड़ों रुपए खर्च करके अफ्रीका से प्लेन से चीते मध्यप्रदेश में आ सकते हैं, परंतु किसान के खेत में यूरिया नहीं पहुंचा सकती।