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वो बार बार बिलखता रहा और मांगता रहा माफी, फिर भी नहीं पसीजा दादी का कलेजा

6वीं में पढ़ने वाले इकलौते पोते को रात में पीटा...सुबह बोली- मुझे क्या पता था कि मेरा इकलौता पोता हमेशा के लिए छोड़कर चला जाएगा।

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आॅनर क्लिंग @MP

वो बार बार बिलखता रहा और मांगता रहा माफी, फिर भी नहीं पसीजा दादी का कलेजा

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक आॅनर क्लिंग का मामला सामने आया है। आरोपी महिला इस कांड के बाद खुद सकते में हैं और उसने पुलिस के सामने बिलखते हुए अपनी करतूत खुद बयां की है।

सामने आई जानकारी के अनुसार महिला ने छठवीं कक्षा में पढ़ने वाले अपने इकलौते पोते को रविवार देर रात करीब 2 बजे इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई। जबकि पोते की गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने दादी की अलमारी से 8 हजार रुपए निकाल लिए थे।

दादी द्वारा रात में की गई पिटाई के चलते वो जहां रातभर दर्द से कराहता रहा, वहीं दादी ने इस दौरान उसकी चोटों पर मरहम तक नहीं लगाया।
सूचना पर घटनास्थल पहुंची छोला मंदिर पुलिस ने महिला से जब सवाल किए तो उसने बिलखते हुए पोते को पीटने की बात कबूली। वहीं अब पुलिस को बच्चे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, ताकि यह तय हो सके कि मौत की असल वजह मारपीट ही रही।

ऐसे पता चला मौत का...
पुलिस का कहना है कि मौत का पता आरोपी महिला शांता को तब चला जब सुबह उसने प्रमोद को जगाने की कोशिश की। लेकिन कई प्रयास के बाद भी उसके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। वहीं प्रमोद की मौत की सूचना मिलने पर सोमवार सुबह करीब 11 बजे छोला मंदिर पुलिस शांता बाई के घर पहुंची।

पिता थे नहीं और मां भी छोड़कर चली गई...
सामने आई जानकारी के अनुसार शिव नगर फेस-3 निवासी 14 वर्षीय प्रमोद सिंह एक साल की उम्र से ही अपने दादा-दादी के पास रहता था। वह जब एक साल का था, तभी पिता गोविंद सिंह की मौत हो गई थी।

जबकि इसके कुछ दिनों बाद ही उसकी मां भी उसे दादा लक्ष्मण सिंह के पास छोड़कर चली गई। पुलिस के मुताबिक, करीब पांच साल पहले बीमारी के कारण प्रमोद के दादा लक्ष्मण सिंह का भी निधन हो चुका है।

डंडे से की पिटाई...
इसके बाद से घर में प्रमोद और उसकी 50 वर्षीय दादी शांता बाई ही रहते थे। पुलिस के मुताबिक शांता का कहना है कि प्रमोद ने रविवार को उसकी अलमारी से 8 हजार रुपए निकाल लिए थे।

इस संबंध में देर रात करीब दो बजे जब शांता को पता चला तो उन्होंने डंडे से प्रमोद की पिटाई शुरू कर दी। पिटाई की आवाज को पड़ोसियों ने भी सुना। बताया जाता है कि गुस्से में शांता उसे करीब दस मिनट तक पीटती रही। जिसके चलते वह बिलखता रहा,और बार-बार माफी भी मांगता रहा।

इसके बावजूद शांता का कलेजा नहीं पिघला। यहां तक की रात भर कराहने के बावजूद आरोपी महिला ने पीड़ित बच्चे के शरीर पर मरहम तक नहीं लगाया। वहीं कुछ पड़ोसियों का कहना है कि वो अक्सर छोटी-छोटी गलतियों पर भी पोते की पिटाई करती थी।

रोते हुए ऐसे बताई पूरी बात...
घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने प्रमोद के शरीर पर पिटाई के निशान देखे तो उसने शांता से कई सवाल किए। इन सवालों को सुनने के बाद पहले तो वह चुपचाप रही, लेकिन बाद में पूछताछ में शांता ने पूरी बात पुलिस को बता दी।

यहां उसने रोते हुए कहा, पोते ने अलमारी से 8 हजार रुपए निकाल लिए थे। देर रात मुझे इस बात का पता चला तो मैंने उसे समझाने के लिए मैंने थोड़ी सख्ती की थी। लेकिन मुझे क्या पता था कि मेरा इकलौता पोता मुझे हमेशा के लिए छोड़कर चला जाएगा।