
भोपाल@देवेंद्र शर्मा
चंडीगढ़ के एक कॉलेज कैंपस को ठंडा करने की जियोथर्मल तकनीक अब नगर निगम के लिंक रोड नंबर दो पर निर्माणाधीन भवन को भी ठंडा करेगी। ग्रीन बिल्डिंग कांसेप्ट से तैयार हो रहे नगर निगम के मुख्यालय भवन को ठंडक देने के लिए जमीन के अंदर की ठंडी हवा का उपयोग किया जाएगा।
इसके तहत भवन के नीचले हिस्से में 15 बोरिंग किए जा रहे हैं। इस तकनीक से बोरिंग के अंदर हवा डालकर उसे पाइप लाइन के माध्यम से पूरे भवन में घुमाया जाएगा। इसे एसी की तरह ठंडक तो होगी, लेकिन ऐसी का खर्च नहीं होगा।
प्रदूषण भी नहीं होगा। नगर निगम के इंजीनियर प्रमोद मालवीय व अवधेश दुबे इसके लिए चंडीगढ़ की यात्रा कर चुके हैं। भवन निर्माण कंसलटेंट को इसकी लिए पूरी डिजाइन का काम दिया है। संभवत: अगले सप्ताह वह यहां डिजाइन सबमिट कर देगा, जिसके बाद इसका काम शुरू हो जाएगा।
23 करोड़ की लागत से 4 एकड़ में बन रहा भवन
ङ्क्षलक रोड नंबर दो सेंट मेरी स्कूल के सामने तीन ब्लॉक में मुख्यालय भवन का काम चल रहा है। पूरा कैंपस 4 एकड़ क्षेत्रफल का है। इसके आसपास चार-चार मंजिला यानि 12 मीटर ऊंचाई के ब्लॉक हैं, जबकि बीच में आठ मंजिला यानि 27 मीटर ऊंचाई का भवन होगा। निर्माण पर लगभग 23 करोड़ खर्च होंगे।
भवन ग्रीन बिङ्क्षल्डग कांसेप्ट से बनाया जा रहा है। पुणे के कंसलटेंट को नियुक्त किया है। निगम ने ग्रीन बिल्डिंग को सर्टिफिकेट देने वाला ग्राह संस्था को भी निर्माण में शामिल किया है। निर्माण पूरा होगा तब ये सर्टिफिकेट भवन के बाहर लगाया जाएगा।
ऐसे समझें जियोथर्मल तकनीक
इसके तहत जमीन के अंदर की ठंडक का उपयोग किया जाता है। इंजीनियर अवधेश दुबे के अनुसार जमीन में बोङ्क्षरग किए जाते हैं और सिस्टम लगाकर उनके अंदर तक हवा भरकर उसे फिर लाइन में छोड़ा जाता है। कुछ ब्लोअर की मदद ली जाती है, लेकिन ये प्राकृतिक तरीका है, जिसमें प्रदूषण नहीं होता है और बिजली का बचाव भी होता है।
Published on:
25 Jul 2022 03:02 pm
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