5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जनता बोली- कब बनेगा शहर में सर्वसुविधायुक्त बस स्टैंड.. सरकार ने बोला..

फिलहाल सिटी बसें नहीं चल पाएंगी आज से, नया बस स्टैण्ड अधर में लटका

2 min read
Google source verification
bus stand

गुना। नगर पालिका ने सिटी बसों को चलाने की एक अप्रैल से घोषणा की थी, लेकिन नई बसों के न आने से फिलहाल यह गुना की सडक़ों पर नहीं दौड़ पाएंगीं। उधर जिला मु यालय का एक मात्र जज्जी बस स्टैण्ड एक नहीं कई अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। जिसकी वजह ये है कि इसका आधे से ज्यादा हिस्सा कच्चा है।बस से आने-जाने वाले यात्रियों को परेशानी हो रही है। इसके अलावा संजय स्टेडियम के पास अनाधिकृत रूप से बसें खड़ी होने लगी हैं।

आरोन स्टेण्ड पर रेलवे से विवाद होने के चलते बसें जज्जी बस स्टैण्ड पर खड़ी होने लगी हैं।इसके अलावा शहर में जयस्तंभ चौराहा, हनुमान चौराहा के आसपास भी बसें खड़ी होकर सवारियां भरकर देखी जा सकती हैं। बस स्टैंड को लेकर बार-बार आ रहीं अड़चनों को तत्कालीन कलेक्टर संदीप यादव ने दूर करते हुए जज्जी बस स्टैंड को विकसित करने का निर्णय लिया था। उस दौरान जज्जी बस स्टैंड पर सडक़ों का निर्माण भी करवाया गया, लेकिन यादव के जाते ही यह काम बंद हो गया, जो अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।

जगह आवंटित, शुरू नहीं हुआ निर्माण कार्य

सूत्रों ने बताया कि शहर की आबादी और भविष्य की परिस्थितियों को देखते हुए ट्रांसपोर्ट नगर के पास बस स्टैंड के लिए जगह आवंटित की गई है। लेकिन इस पर निर्माण कार्य अभी तक शुरु नहीं हो पाया है। लोगों को आशंका है कि बस स्टैंड का भविष्य भी कहीं ट्रांसपोर्ट नगर की तरह ही न हो जाए। क्योंकि ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण भी आज तक शुरु नहीं हो पाया है। इसके चलते भारी वाहन शहर में प्रवेश करते देखे जा सकते हैं। हालांकि नो एंट्री का समय निर्धारित होने के चलते यातायात पुलिस के साथ इन वाहन के स्टाफ के बीच बहस देखी जा सकती है। इसका कारण बस स्टैंड का निर्धारण नहीं होना है। जिससे भारी वाहनों को शहर में आना पड़ता है।

रिहायशी क्षेत्र से दूर ले जाना है उद्देश्य

शहर के बीचों-बीच स्थित जज्जी बस स्टैंड को शहर के बाहर ले जाने के उद्देश्य से ट्रांसपोर्ट नगर के पास जगह आवंटित की गई है। इसकी वजह है कि शहर में वाहनों की दुर्घटनाएं कम हो जाएं। लेकिन बार-बार विरोधाभास के चलते बस स्टैंड शिफ्ट नहीं हो पा रहा है। बता दें कि इससे पहले बस स्टैंड जयस्तंभ चौराहे के ठीक नजदीक था। यहां अब परिवहन विभाग का कार्यालय लगने लगा है।

रात में सडक़ पर खड़े होती हैं बसें
रात के समय इंदौर और भोपाल शहरों की ओर जाने वाली बसों को सडक़ पर खड़ा होना पड़ता है। इसकी वजह बताई जाती है कि जज्जी बस स्टैंड पर रोशनी की व्यवस्था नहीं है। ऐसी स्थिति में बसों को गुरुवार के सामने सडक़ पर जगह बनानी पड़ती है। यहां कम से कम यात्रियां रोशनी में बसों में चढ़ और उतर सकती हैं।

फिलहाल नहीं चल पाईं सिटी बसें
नगर पालिका द्वारा एक अप्रैल से अमृत सिटी योजना के तहत सिटी बसें चलना थीं, लेकिन यह बसें नगर पालिका के पास अभी तक नहीं आ पाईं, जिससे यह बसें न तो शहर में दौड़ पाएंगी और न दूरस्थ स्थानों पर।
इनका कहना है

नया बस स्टैण्ड बनाए जाने की तैयारियां चल रही हैं।फिलहाल सिटी बसें नहीं आ पाई हैं, जिससे एक अप्रैल से नहीं चला पाएंगे।
-पीएस बुन्देला, सीएमओ नगर पालिका