6 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

होली के दूसरे दिन भी तड़पते रहे मरीज! नहीं मिला इलाज : Video

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी की हड़ताल से चरमाई स्वास्थ्य व्यवस्था!

2 min read
Google source verification
protest

भोपाल। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से वार्ता विफल होने के बाद वे होली के अगले दिन यानि शनिवार को भी हड़ताल जारी है। इस दौरान अस्पतालों में कई जरूरी सेवाएं ठप होने के कगार पर पहुंच गईं हैं!

जानकारी के अनुसार होली के दिन कुछ जगह हुए हादसों के मरीजों को भी इस हड़ताल के चलते पूरी तरह से इलाज नहीं मिल पा रहा है। वहीं मरीज कई अस्पतालों में तड़पते आसानी से देखे जा सकते हैं। शनिवार को हड़ताल का 13वां दिन है, ये हड़ताल नियमितिकरण की मांग को लेकर की जा रही है।

इससे पूर्व होली के दिन भी संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की ओर से जेपी अस्पताल में हड़ताल जारी रही। संविदाकर्मियों ने मांग पूरी ना होने पर होली के त्योहार का भी बहिष्कार किया।

कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती तब तक हड़ताल चलती रहेगी। जेपी अस्पताल में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।

स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं...
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल से प्रदेश भर की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। हड़ताल का असर सीधा मरीजों और उनके परिजनों पर पड़ रहा है। जो मरीज अपना इलाज कराने अस्पताल आ रहे हैं, उन्हें डाक्टर तक पहुचाने और वापस कैंपस के बाहर जाने का जिम्मा अस्पताल प्रशासन नहीं ले रहा। वहीं मरीज के परिजन खुद अपने परिवार के सदस्य को स्ट्रेचर पर ले जाकर इलाज कराते नजर आए।

सरकार के लिए मुश्किल की घड़ी...
मध्यप्रदेश में चुनाव होने वाले हैं इससे ठीक पहले संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने पिछले दिनों से सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

वहीं जानकारों की मानें तो इसके अलावा अतिथि शिक्षक भी अपनी मांगों के चलते लगातार आंदोलन करते रहे हैं। साथ ही आगनवाड़ी कार्यकर्ता,संविदा कर्मचारी,108 के कर्मचारी सहित असंतुष्ट किसान व संविलियन का इंतजार कर रहे अध्यापक भी सरकार के लिए परेशानी की वजह बने हुए हैं।

दरअसल संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले 19 फरवरी को प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहे। जिनकी मांगे अब तक पूरी नहीं हुई हैं। इस दौरान कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के चलते प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित हो गई।

इसका असर स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय कार्यक्रमों, चिकित्सकीय कार्य, दवाई वितरण व लैब के कार्यों पर पड़ा है। वहीं संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मप्र के प्रांताध्यक्ष सौरभ सिंह चौहान का कहना था कि इस संबंध में वे पहले ही मुख्यमंत्री/मंत्री/विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन देकर अवगत करा चुके है। इस बार सरकार से आर-पार की लड़ाई है।

उनका कहना है कि हर बार सरकार कर्मचारियों को आश्वासन देती हुई आई है, लेकिन इस बार आश्वासन से काम नहीं चलेगा। जब कर सरकार हमारी मांगे नही मान लेती तब तक ये आंदोलन जारी रहेगा।

कर्मचारियों की मांग है कि एनएचएम ,अन्य परियोजनाओं,स्वास्थ्य में कार्यरत संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण/संविलियन और सेवा से निष्कासित कर्मचारियों की बहाली की जाए। ।

ऐसा समझें...
-19 फ़रवरी 2018 से गुना में जुटे हजारों संविदा कर्मचारी।
-20 को काला दिवस मनाया।
-संविदा स्वास्थ्य की हड़ताल में प्रदेश के 22 संविदा संगठन/विभाग के कर्मचारी दिनांक 26 फ़रवरी से शामिल हुए।
-28 फ़रवरी को भोपाल में समस्त विभाग के साथ संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के तहत विशाल आंदोलन हुआ।
- 1 मार्च को फिर भोपाल में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ ही 108 के कर्मचारी भी एक बार फिर हड़ताल उतर आए हैं, इन्होंने भी जेपी हॉस्पिटल में प्रदर्शन किया।
- 2 मार्च यानि होली के दिन भी जेपी अस्पताल में इनका विरोध जारी रहा।
- वहीं शनिवार को भी संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का विरोध जारी है।