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राज्य के सबसे बड़े अस्पताल में अब मरीज़ नहीं होंगे परेशान, एक ही जगह होंगी सभी जांचे

राज्य के सबसे बड़े अस्पताल में अब मरीज़ नहीं होंगे परेशान, एक ही जगह होंगी सभी जांचे

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hamidia hospital

राज्य के सबसे बड़े अस्पताल में अब मरीज़ नहीं होंगे परेशान, एक ही जगह होंगी सभी जांचे

भोपालः मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल ख्याति प्राप्त राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल की अव्यवस्थाओं से कोन वाक़िफ़ नहीं हैं। मरीज़ का इलाज के लिए जाकर इलाज के लिए जांचों में इधर से उधर भटकना बड़ा मुश्किल काम है। लिकिन उपचार के लिए अस्पताल में जाने वालों के लिए एर अच्छी ख़बर है वो यह कि, अब मरीज़ों को जांच कराने के लिए इधर उधर भटककर परेशान नहीं होने पड़ेगा। अस्पलाल प्रबंधन ने तय किया है कि, मरीज़ की सारी जांचे एब एक ही जगह पर होंगी, जिससे मरीजों की परेशानी में बहुत हद तक राहत होगी। इसके लिए गांधी मेडिकल कॉलेज की निर्माणाधीन नई विंग में सभी लैब एक जगह पर बनाई जा रही हैंं। यह विंग मई 2019 तक मरीजों के लिए शुरु हो जाएगी। कॉलेज में एमबीबीएस की सीटें 150 से बढ़ाकर 250 करने के लिए कॉलेज में पूर्व और पश्चिम की तरफ दो-दो विंग बनाई जा रही है।

पीड़ित की परेशानी

आपको बता दें कि, इलाज कराने गए मरीजों के सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है, डाक्टर द्वारा लिखी गई जांचे कराना। पैथोलाजिकल, माइक्रोबायोलॉजिकल और बायोकेमेस्ट्री की जांचें अभी अलग-अलग जगह पर हैं। पैथोलॉजिकल जांचें कमला नेहरू अस्पताल के सामने सेंट्रल पैथोलॉजी लैब में होती हैं। इसके अलावा माइक्रोबायोलॉजी विभाग की जांचें जैसे कल्चर टेस्ट, एचआईवी, डेंगू, मलेरिया व वायरस-बैक्टीरिया से होने वाली अन्य जांचें मेडिकल कॉलेज की तीसरी मंजिल पर होती हैं। थायराइड समेत बायोकेमेस्ट्री की जांचें भी मेडिकल कॉलेज में दूसरी जगह पर होती हैं। कौन सी जांच कहां पर होगी इसके लिए अस्पताल में कहीं भी संकेत बोर्ड नहीं लगाए गए हैं, लिहाजा मरीज या उनके परिजन जांच के लिए भटकते रहते हैं।

इन सुविधाओं से लैस होगा भविष्य का हमीदिया

अगर आप हमीदिया या गांधी मेडिकल कॉलेज से वास्ता पड़ने वाले किसी भी मरीज़ से वहां कि, व्यवस्थाओं के बारे में पूछेंगे तो वह वहां से जुड़ी अव्यवस्थाओं की झड़ी लगा देगा, लेकिन अब आगामी समय में अस्पताल और कॉलेज कई सुविधाओं से लौस होने जा रहा है। इसमें पूर्व की तरफ लेक्चर हाल के अलावा सभी विभगा की लैब होगी, फैकल्टी मेंंबर्स के चेम्बर होंगे। सेमिनार हाल भी इस विंग में हैं। ढाई सीढ़ी की तरफ 300 सीट वाले चार अत्याधुनिक लेक्चर हॉल हैं। इसमें सभी लैब एक जगह पर रहेंगी। हालांकि, इतने काम की समय सीमा अधिकारी मई या उससे पहले करना बता रहे है, बता दें कि, भवन निर्माण में 89 करोड़ रुपए लागत आएगी।

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