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हर किसी की जुबां पर छाया ‘हर- हर शंभू’ अब इससे ज्यादा क्या चाहिए- अभिलिप्सा पांडा

- हर धर्म के लोग महादेव का गाना गा रहे हैं इससे अच्छी बात और क्या होगा - युवाओं के लिए सोशल मीडिया गिफ्ट के जैसे बशर्ते दायरा तय हो

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भोपाल@रूपेश मिश्रा

खेलो इंडिया के ओपनिंग सेरेमनी कार्यक्रम में परफॉर्मेस देने के लिए भोपाल पहुंची 'हर- हर शंभू शिव महादेव' गाने से ख्याति पाने वाली गायिका अभिलिप्सा पांडा। इस दौरान अभिलिप्सा ने पत्रिका से खासबात करते हुए कहा कि खेलों इंडिया जैसे मंच देश के नए भविष्य के लिए एक बड़ा मंच है। साथ ही उनके गाने से जुड़े विवादों पर कहा कि अगर सनातन धर्म के मंत्रों को अन्य धर्म के लोग अपना रहे हैं तो क्या दिक्कत है। पढ़िए पत्रिका से खासबात के प्रमुख अंश

सवाल- इतनी छोटी उम्र में आपने एकाएक इतनी शोहरत हासिल की, कैसा महसूस होता है।

जवाब- लोग मुझे इतना प्यार करते हैं..सचमुच बहुत अच्छा लगता है। एक वक्त चाहत होती थी कि लोगों के पास जाऊं। लोग मुझे सकारात्मक रूप से जाने...तो ये मेरा सपना अब पूरा हो रहा है।

सवाल- आप जैसे सोशल मीडिया में स्टार बनी वैसे ही कई विवाद भी सामने आए। इसके पीछे क्या कारण मानती हैं।

जवाब- देखिए ये लोगों की सोच पर निर्भर करता है कि आप कैसे सोचते हैं। अगर आप सकारात्मक सोचेंगे तो हर चीज वैसी लगेगी और अगर आपको नकारात्मका फैलानी है तो आप कहीं भी फैला देंगे। मेरा फोकस होता है सकारात्मक चीजों को स्वीकार करना और नकारात्मक से दूर रहना। सनातन धर्म के मंत्र अगर कोई और धर्म के लोग अपना रहे हैं तो हमें क्या आपत्ति है। हर धर्म के लोग इसे अपना रहे हैं ये बड़ी बात है।

सवाल- मुस्लिम सिंगर ने जब इसी गाने को गाया तब आपको तकलीफ हुई या नहीं।

जवाब- मुझे एक कलाकार और इंसान होने के नाते बिल्कुल भी बुरा नहीं लगा बल्कि अच्छा लगा कि जो दूसरे धर्म को लोग है उन्होंने भी इस चीज को अपनाया। उन्हें ये चीज अच्छी लगी होगी तभी तो उन्होंने इसे अपने तरीके से गाया। अगर वो महादेव का गाना गा रही हैं तो मेरे लिए इससे बड़ी बात भला क्या हो सकती है।

सवाल- जिस सोशल मीडिया से आप स्टार बनी वहीं युवाओं को नाकारत्मक रूप से अपनी जद में ले रहा है। यूथ को क्या मैसेज देना चाहेंगी।

जवाब- देखिए हर सिक्के दो पहलू है। ठीक ऐसे ही सोशल मीडिया के साथ है। आप तय करता है कि इसका आप कैसे उपयोग करते हैं। मेरी नजर में सोशल मीडिया में कोई बुराई नहीं है। आप इसका इस्तेमाल अपना टैलेंट दिखाने के लिए भी कर सकते हैं। पहले लोगों के अंदर कितना टैलेंट रहता था लेकिन उनके पास मंच नहीं होता था। पर आज के दौर में सोशल मीडिया युवाओं के लिए गिफ्ट के जैसे है। जहां हम अपना टैलेंट दिखा सकते हैं। लेकिन एक दायरा जरूर तय होना चाहिए।

सवाल- खेलो इंडिया में आप परफॉर्म करने आई हैं। ये खेल युवाओं को समर्पित है..क्या कहेंगी।

जवाब- देश के युवाओं के लिए ये एक बड़ा मंच है। खेलो इंडिया देश के गांव- गांव तक पहुंचा है। उनको प्रतिभा दिखाने का बड़ा मौका है। मैं खुद कराटे में नेशनल लेवल की गोल्ड मेडलिस्ट हूं। इसलिए एक खिलाड़ी होने के नाते मैं इसे खुद प्रमोट करती हूं। क्योंकि इसके जरिए देश युवा खिलाड़ियों को तराशा जा रहा है।