
इसका मकसद जगह-जगह सडक़ किनारे ठेला और दुकानें लगाकर खड़े होने वाले दुकानदारों को देकर उन्हें एक जगह खड़ा करना था। लेकिन दुकानदारों को यह हॉकर्स कॉर्नर आवंटित होता, इससे पहले ही वर्ष 2018 में विधानसभा का चुनाव आ गया और इसका आवंटन नहीं हो पाया। इसके बाद यहां के पार्षद भी बदल गए पर किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। ऐसे में नगर निगम की राशि से बनाया गया यह हॉकर्स कॉर्नर दिन-ब-दिन बदहाल होता चला गया। स्थानीय दुकानदारों की माने तो हॉकर्स कॉर्नर में कुछ काम होना बाकी था, जिसे पूरा करने के बाद आवंटित किया जाना था, लेकिन छह साल बाद भी नहीं हो पाया।
हॉकर्स कॉर्नर में लोगों ने कर रखा है कब्जा
बता दें कि यहां बनाए गए हॉकर्स कॉर्नर में आसपास के लोगों ने कब्जा कर रखा है। यहां रजाई गद्दे की दुकान लगाई जा रही है। शाम होते ही असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है। फिर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा।
यहां करीब 18 दुकानें बनाई गई हैं
गौरतलब है कि नगर निगम के वार्ड 67 के इंद्रपुरी सी सेक्टर में बनाए गए हॉकर्स कॉर्नर में करीब 18 दुकानें हैं। स्थानीय लोगों की माने तो जगह-जगह खड़े दुकानदारों को यह दुकानें आवंटित हो गई, होती तो काफी हद तक सडक़ किनारे किए गए अतिक्रमण से लोगों को मुक्ति मिल जाती और नगर निगम के लाखों रुपए की बर्बादी भी नहीं होती।
नगर निगम के वार्ड 57 इंद्रपुरी सी सेक्टर मेंं पूर्व पार्षद के कार्यकाल में करीब 14 लाख रुपए की लागत से हॉकर्स कॉर्नर बनाया गया था। यह हॉकर्स कॉर्नर दुकानदारों को आवंटित होता इससे पहले विधानसभा चुनाव आ गया, जिससे यह आवंटित नहीं हो पाया। फिर से इसका टेंडर लगाया है, करीब तीन महीने में बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद दुकानदारों को आवंटित किया जाएगा। इसे मौजूदा समय को देखते हुए बेहतर बनाया जाएगा, जिसमें करीब 10 लाख रुपए का खर्च आएगा।
ममता मनोज विश्वकर्मा, पार्षद, वार्ड क्रमांक 67
Published on:
25 Nov 2023 08:04 pm
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