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भारी बारिश से पूरे प्रदेश में पानी ही पानी, कई जिलों में बाढ़ के हालात, रेस्क्यू जारी

MP में भीषण बारिश का दौर...। बरगी डैम, तवा डैम, इंदिरा सागर डैम और ओंकारेश्वर डैम से पानी छोड़ा...। एमपी से लेकर गुजरात तक नर्मदा किनारों को किया अलर्ट...।

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भोपाल

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Manish Geete

Sep 16, 2023

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मध्यप्रदेश की नर्मदा नदी पर बने कई बांधों से पानी छोड़ने से बाढ़ की स्थिति...।

flood like situation in many districts. मध्यप्रदेश में भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं। नर्मदा नदी खतरे के निशान पर पहुंच गई है। नर्मदा नदी पर बने बरगी, इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध खोल देने से बाढ़ के हालात बन गए हैं। यही स्थिति आगे भी रही तो मध्यप्रदेश से लेकर गुजरात तक नर्मदा से लगे आबादी वाले इलाकों में खतरा बढ़ जाएगा।

मध्यप्रदेश में पिछले 36 घंटों से जारी भारी बारिश के बाद नर्मदा नदी का जल स्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। इसके अलावा ताप्ती नदी और क्षिप्रा नदी भी उफान पर आ गई है। कई जिलों से रेस्क्यू आपरेशन की खबरें आ रही हैं। बारिश ऐसी ही चली तो आने वाले दो-दिनों में बारिश के सारे रिकार्ड टूट सकते हैं।


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नर्मदापुरमः खतरे के निशान पर नर्मदा, रेस्क्यू जारी

बरगी बांध और तवा डैम से पानी छोड़े जाने के बाद नर्मदापुरम में नर्मदा नदी का जल स्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया है। बरगी का पानी लगातार चलता रहा और रायसेन जिले के बारना डैम का भी पानी छोड़ दिया जाएगा तो नर्मदा नदी विकराल रूप ले सकती है। इसलिए प्रशासन अलर्ट हो गया है और बचाव दल तैनात किए गए हैं। इधर, नर्मदापुरम से 70 किलोमीटर दूर सिवनी मालवा तहसील के ग्राम बिसोनी कला मे होमगार्ड के सैनिकों ने बाढ़़ में फंसे भेड़-बकरी और ऊंट का रेस्क्यू किया।

खंडवाः इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर डैम के गेट खुले

खंडवा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद खंडवा जिले के इंदिरा सागर डैम और ओंकारेश्वर बांध के गेट भी खोल दिए गए हैं। नर्मदा पर बने बरगी बांध, तवा नदी के बांध का पानी छोड़े जाने के बाद इन बांधों के गेट भी खोलना पड़े हैं। इससे ओंकारेश्वर में नर्मदा का जल स्तर काफी बढ़ गया है। यहां के सभी घाट पूरी तरह से जल मग्न हो गए हैं। पानी का लेवल भी मंदिर के करीब तक पहुंचने लगा है। इधर, ओंकारेश्वर बांध का पानी छोड़े जाने के बाद मोरटक्का में इंदौर-इच्छापुर राजमार्ग पर पानी आ जाने से आवागमन बंद कर दिया गया है। जबकि अमरावती मार्ग भी बंद कर दिया गया है।

इंदौरः कान्ह और सरस्वती का जलस्तर बढ़ा, शहर में चली नाव

इंदर शहर की कान्ह और सरस्वती नदी में भी लगातार पानी बढ़ गया है। सामान्य जल प्रवाह के चार से पांच फीट ऊपर पानी बह रहा था।शहर के कई इलाकों में नाव चल रही है। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। इंदौर के ही कबूतर खाना स्थित कॉलोनी जलमग्न हो गई है। राहत एवं बचाव दल ने रहवासियों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर ठहराया। पिलियाखाल जनता कॉलोनी से भी लोगों को रेस्क्यू किया। महिला और पुरुषों के साथ ही 8 दिन के बच्चे को भी रेस्क्यू किया गया। इधर, राऊ तहसील के ग्राम कलारिया में गंभीर नदी डैम में फंसे 21 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। मछुआरे और मजदूर डैम के पास फंस गए थे। नदी का पानी दो भागों में बंटने से ऐसे हालात बने थे।

उज्जैनः क्षिप्रा के किनारे एसडीआरएफ तैनात

शुक्रवार से जारी लगातार बारिश के बाद से उज्जैन शहर की क्षिप्रा नदी उफान पर आने लगी है। इसे देखते हुए होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीम तैनात कर दी गई है। यहां रविवार तक भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है। जिसके बाद क्षिप्रा नदी और भी विकराल रूप ले सकती है। इधर, महिदपुर में भी मेला रोड क्षेत्र डूब जाने से 24 लोग भंस गए थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया है। वहीं झारडा के समाकोटा ग्राम में भी एक मंदिर में तीन लोग फंस गए हैं, जिन्हें निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

धारः भारी बारिश से बाढ़

धार जिले से खबर है कि यहां शुक्रवार सुबह से ही बारिश का दौर जारी है। छोटी नदियां भी उफान पर हैं। नर्मदा नदी के किनारे के गांवों को अलर्ट कर दिया गया है। जिले का इंदिला डैम में दरार की सूचना से प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। क्योंकि पिछली बारिश में धार जिले का कारण डैम भी फूट गया था, जिससे काफी तबाही हो गई थी। कारम बांध से भी खबर है कि नदी के पुल के 4 फीट ऊपर पानी बह रहा है। दोनों तरफ सैकड़ों वाहन पानी उतरने का इंतजार कर रहे हैं। इस कारण धार जिले का सड़क संपर्क खरगोन से टूट गया है।

झाबुआः 24 घंटों में 30 इंच बारिश

झाबुआ से खबर है कि यहां पिछले 24 घंटों में 30 इंच बारिश हो चुकी है। जबकि मौसम विभाग ने एक बार फिर रेड अलर्ट जारी कर अप्रत्याशित बारिश की चेतावनी जारी की है। अगले दो दिन भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बारिश के चलते क्षेत्र की प्रमुख नदी अनास, सुनार, माही और पंपावती नदी लबालब हो गई है। पेटलावद क्षेत्र का माही डैम पूरी क्षमता से भर गया। ऐसे में डैम के सभी 8 गेट खोलना पड़े।

देवासः सोनकच्छ में कालीसिंध में उफान

इधर, खबर है कि देवास जिले के सोनकच्छ से गुजरी कालीसिंध नदी में भी उफान आ गया है। उसकी जद में आने वाली निचली बस्तियों में पानी भर गया है। पुराने शहर में स्थित कालीसिंध नदी के ब्रिज पर से पानी बह रहा है, इस कारण शहर और देवास के बीच रास्ता कट गया है। लोगों को बायपास से कई किलोमीटर घूमकर यात्रा करना पड़ रही है।

रतलामः लगातार बारिश से डैम के गेट खोले

रतलाम से खबर है कि धोलावड़ डैम और सरोज सरोवर के गेट खोलने से पानी ही पानी हो गया है। इससे पहले सरोज सरोवर के गेट खोले जाने की मुनादी प्रशासन ने कर दी थी।मौसम विभाग की चेतावनी के बाद रतलाम में प्रशासन को अलर्ट रहने को कहा गया है। मौसम विभाग ने अत्यधिक बारिश का अलर्ट जारी किया है। इधर सैलाना में केदारेश्वर महादेव के मंदिर में भी झरना फूट पड़ा है। यह झरना हर साल बारिश में बहने लगता है। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं।

कई जिलों में छुट्टी घोषित

भारी बारिश के चलते कई जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित हो गई है। इंदौर कलेक्टर ने कक्षा पहली से 12वीं तक के बच्चों की छुट्टी घोषित कर दी है। इसमें सभी सरकारी और निजी स्कूल भी बंद रहे। इधर, उज्जैन में भी स्कूल में छुट्टी घोषित हो चुकी है।