
CM Mohan Yadav with Dada guru
CM Mohan Yadav - मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जहां विज्ञान की सीमाएं समाप्त होती हैं, वहां से धर्म की शुरुआत होती है, उसकी जय-जयकार होती है। वे नर्मदा तट सरस्वती घाट पर आयोजित दादा गुरु के प्रकटोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। दावोस से लौटने के बाद सीएम मोहन यादव शुक्रवार देर शाम दादा गुरु के दर्शन और आशीर्वाद लेने पहुंचे थे। कार्यक्रम में उन्होंने अपनी व्यस्तता का जिक्र करते हुए बताया कि हेलीकॉप्टर के पायलट ने उन्हें समय पर वापस आने की साफ शब्दों में चेतावनी दे दी थी पर दादा गुरु और नर्मदा परिक्रमावासियों के प्रति समर्पण का भाव मुझे रोक नहीं सका।
दादा गुरु के प्रकटोत्सव कार्यक्रम में प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, विधायक अशोक रोहाणी व रत्नेश सोनकर एवं राजकुमार पटेल के साथ बड़ी संख्या में नर्मदा परिक्रमावासी भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हम सब सनातन संस्कृति के संवाहक हैं। जीवन में कई बार ऐसे क्षण आते हैं जब हमें आश्चर्य होता है, जहां विज्ञान के नियम काम करना बंद कर देते हैं या फेल हो जाते हैं, वहीं से धर्म की जय-जयकार शुरू होती है। उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल प्रकृति के नियमों को समझने का प्रयास करता है, लेकिन यह ईश्वरीय कृपा ही है जिससे हमें आनंद और साहस प्राप्त होता है।
मां नर्मदा की कृपा का प्रमाण
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नर्मदा परिक्रमावासियों के इतने बड़े दल और परिवार का सुचारू रूप से चलना, बिना मा नर्मदा और दादा गुरु की कृपा के संभव नहीं है। यह विशाल जनसमूह इसका प्रमाण है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी व्यस्तता और दादा गुरु के प्रति समर्पण का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर के पायलट ने चेतावनी दी थी कि यदि समय पर वापस नहीं आए तो कल दोपहर 2 बजे तक रुकना पड़ेगा। इसके बाद भी दादा गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर से अपने लगाव का भी जिक्र करते हुए बताया कि जबलपुर पर मां नर्मदा की विशेष कृपा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संबोधन के समापन पर उपस्थित जनसमूह के साथ "नर्मदा महारानी की जय", "बाबा महाकाल की जय" और "दादा गुरु भगवान की जय" के उद्घोष के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया। दादा गुरु के प्रकटोत्सव के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अलग अंदाज भी दिखाई दिया। उन्होंने पूरे श्रद्धाभाव से "गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो, राधा रमण हरि गोपाल बोलो" भजन गाकर नर्मदा परिक्रमावासियों को ऊर्जा से भर दिया।
Published on:
24 Jan 2026 02:27 pm
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