
hamidiya
भोपाल. राजधानी के दो प्रमुख अस्पतालों हमीदिया और जेपी में प्रबंधन की लापरवाही की वजह से मरीजों को सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। हमीदिया अस्पताल में हीमोफीलिया सेंटर को नई बिल्डिंग में जगह मिलने के बाद भी अब तक फिजियोथेरेपी और अन्य उपकरण नहीं मिले हैं। इससे हीमोफीलिया ग्रस्त करीब 40 मरीजों का इलाज रोज प्रभावित हो रहा है। प्रदेश में पांच हजार से अधिक हीमोफीलिया मरीज हैं। जबकि, जेपी में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब के निर्माण की रफ्तार धीमी होने से मरीजों को भटकना पड़ रहा है।
उपकरण मिलें तो यह काम आसान
उपकरण मिलें तो मरीजों को शारीरिक गतिविधि और मांसपेशियों,हड्डियों की शक्ति सुधारने में मदद मिलेगी।
आयुष केंद्र को भी चाहिए जगह
आयुष विभाग की क्लीनिक भी हमीदिया में खोली जानी है। मगर इसके लिए अब तक जगह निर्धारित नहीं हो सकी है।
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हीमोफीलिया का डे केयर सेंटर नई बिल्डिंग में चल रहा है। उपकरणों की खरीदी का ऑर्डर दिया जा चुका है। जल्द ही मरीजों को इसका लाभ मिलेगा। आयुष क्लीनिक के लिए कमला नेहरू से जगह मांगी गई है।
डॉ. आशीष गोहिया, अधीक्षक, हमीदिया अस्पताल
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जेपी में सवा करोड़ से लैब का निर्माण
जेपी अस्पताल में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (आईपीएचएल) के इस साल भी खुलने के आसार नहीं हैं। होनी है। निर्माण एजेंसी बहुत धीमी रफ्तार से काम कर रही है। अब तक 50 फीसदी भी काम नहीं हो सका है। करीब सवा करोड़ रुपए से लैब का निर्माण हो रहा है।
यह होगा फायदा
मरीजों को स्क्रब टाइफस, कैंसर जैसी 90 तरह की जांच की सुविधा मिलेगी। रिसेप्शन काउंटर, मरीजों के लिए वेटिंग एरिया, सैंपल कलेक्शन रूम, क्लीनिकल पैथोलॉजी लैब, हीमोटोलॉजी लैब, माइक्रो बैल्ट्रीरिओलॉजी लैब, बायोकेमिस्ट्री लैब, कोल्ड स्टोर जैसी अन्य सुविधाएं रहेंगी।
अलग-अलग होंगे सेक्शन
इंटीग्रेटेड लैब के लिए सेंट्रल पैथोलॉजी लैब (सीपीएल) के ऊपर करीब 4000 वर्गफीट में अतिरिक्त निर्माण किया जा रहा है। लैब के लिए अलग-अलग सेक्शन बनाए जा रहे हैं।
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लैब के निर्माण के लिए बजट केंद्र सरकार की ओर से उपलब्ध कराया गया है। काम समय से पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। इस साल लैब शुरू हो जाएगा।
डॉ.राकेश श्रीवास्तव,अधीक्षक,जेपी अस्पताल
Published on:
15 Apr 2023 12:47 pm
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