
राजधानी में रोज हजारों लोग बोट क्लब पहुंचते हैं, क्रूज, जलपरी और मोटर बोट बंद होने हुए मायूस
mosam धूप में ये 6 घंटे से अधिक समय तक किसी बाहरी चार्ज के बिना पानी में चल सकता है। पर्यावरण संरक्षण के साथ सस्ता संचालन हो रहा है। अब केरल सरकार 50 प्रतिशत बोट को सोलर बोट में बदल रही है। हल्का रखने के लिए इन्हें फायबर से बनाया जा रहा है। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने शहरी पर्यटन बढ़ाने सोलर एनर्जी बोट का प्लान बनाया है। वाराणसी में देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन चलित बोट भी शुरू होने वाली है।
[typography_font:14pt;" >भोपाल. बड़ा तालाब में मोटर से चलने वाली बोट और क्रूज के संचालन पर एनजीटी के पाबंदी के बाद विकल्प के तौर पर केरल में चलने वाली सोलर बोट को मुख्य विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। केरल में ही देश की पहली सोलर फेयरी भी शुरू की जा चुकी है। इसकी खरीदी लागत जरूर ज्यादा है, लेकिन संचालन का खर्च पूरे दिन में महज 200 रुपए आ रहा है। इसके बाद ओडिशा की चिल्का झील से लेकर अयोध्या तक में सौर ऊर्र्जा, इलेक्ट्रिक वाटर बोट चलाई जा रही हैं। देश में सोलर इलेक्ट्रिक बोट पर तैयार एक रिपोर्ट के अनुसार यहां 2028 तक इलेक्ट्रिक बोट का बाजार 11.43 बिलियन का हो जाएगा। उधर राजधानी में हर रोज 1000 लोग बोट क्लब पर पहुंचते हैं। क्रूज, जलपरी के साथ 20 मोटर बोट का संचालन बंद हो जाने से यहां आने वाले लोग परेशान हो रहे हैं।
तालाब किनारे पार्क, स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स बना सकते हैं
रिटायर्ड संयुक्त संचालक टीएंडसीपी वीपी कुलश्रेष्ठ का कहना है कि तालाब के एफटीएल किनारे कुछ मनोरंजक गतिविधियों में पार्क बनाया जा सकता है। यहां अस्थायी व कच्ची सामग्री से मीटिंग हॉल, खेल गतिविधियों के लिए लैंड स्केपिंग की जा सकती है। बीयू में जल एक्सपर्ट प्रोफेसर विपिन व्यास का कहना है कि वेटलैंड रूल्स में गतिविधियां तय की गई है। संबंधित एजेंसी ये सुनिश्चित करें कि किसी भी गतिविधि से सोलर व लिक्विड वेस्ट जलस्रोत में सीधे न जाएं।
Published on:
16 Sept 2023 07:17 pm
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