
भोपाल। पेट्रोल डीजल के दामों में हर रोज हो रहे परिवर्तन के बावजूद इस दाम कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। वहीं मध्यप्रदेश की राजधानी में एक ओर खास आदेश जारी हुए हैं, जिसके बाद आज से कुछ निश्चित लोगों को कोई भी पेट्रोल पंप पेट्रोल नहीं देगा।
दरअसल लगातार बढ़ रहे दामों के चलते जहां उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं सरकारें भी इसके रेट में कोई लगाम कसती नहीं दिख रही हैं। वहीं भोपाल में पेट्रोल पंप संचालकों को कलेक्टर सुदाम खाड़े ने हिदायत दी है कि बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जाना चाहिए।
इन्हें नहीं मिलेगा पेट्रोल:
जानकारी के अनुसार आज से यानि सोमवार से भोपाल शहर के 82 और ग्रामीण क्षेत्र के 29 पेट्रोल पंप पर एक नई व्यवस्था लागू की गई है।
इसके तहत पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट के आने वालों को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा।
पेट्रोल पंप संचालकों को कलेक्टर सुदाम खाड़े ने हिदायत देते हुए कहा है कि यदि ऐसा करता कोई पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई कर जुर्माना किया जाएगा। इसके साथ ही कलेक्टर ने कलेक्टोरेट में अाने वाले अफसरों के ड्राइवरों को सीट बेल्ट लगाकर ही गाड़ी लाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस की टीमें सभी चौराहों पर सख्त चैकिंग करेंगी।
80 रुपए लीटर पहुंचा पेट्रोल
इससे पहले जुलाई 2017 में तत्कालीन कलेक्टर निशांत वरवडे ने आदेश जारी किए थे कि दो पहिया वाहन चालकों को बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। लेकिन लगातार लोगों की शिकायत और राजनीतिक दबाव के चलते यह फैसला सफल नहीं हो पाया। साथ ही इसकी मॉनिटरिंग भी अच्छे तरीके से नहीं हो पाई थी।
गौरतलब है कि 16 जून 2017 से ही देशभर में हर रोज पेट्रोल एवं डीजल के दाम बदल रहे हैं। इससे पहले पेट्रोल डीजल की कीमतें महीने में सिर्फ दो बार बदला करती थीं। अगर जनवरी 2018 से अप्रैल 2018 में अब तक के आंकड़ों की बात की जाए तो 4 महीने में पेट्रोल की कीमत में करीब 4 रुपए का इजाफा हो चुका है।
ऐसे तय होती है पेट्रोल-डीजल की कीमत?
16 जून 2016 से पहले पेट्रोल की कीमतें हर महीने में दो बार तय होती थीं। महीने की 15 या 16 तारीख को और महीने की 30 या 31 तारीख को।
हालांकि अब नियमित आधार पर पेट्रोल-डीजल की कीमतें रोजाना बदल रही हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्रूड और डॉलर की स्थिति की भी काफी अहम भूमिका होती है।
एक लीटर पेट्रोल में शामिल हैं कई टैक्स?
गौरतलब है कि पेट्रोल-डीजल में वेट ही नहीं अपितु सेस सहित कई टैक्स जूड़े हैं, जो सीधे राज्य सरकारों को आय में फायदा पहुंचाते हैं।
जानकारों का मानना है कि शायद यही वजह है कि राज्य पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाए जाने का तीखा विरोध कर रहे हैं। हालांकि इसके उलट सरकार यह तर्क दे रही है कि इससे देश के आम आदमी को फायदा पहुंचेगा।
थोड़ी-थोड़ी बढ़ौतरी ने बनाया ये हाल...
जानकारों के अनुसार पहले अचानक इन पदार्थों पर 2 या 4 रुपए बढ़ा दिए जाने से इसका अंतर लोगों के सामने तुरंत आ जाता था, ऐसे में लोग तुरंत ही रिएक्ट भी करते थे। जिससे सरकारों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।
लेकिन अब नए तरीके से कभी हर रोज तो कभी एक दो दिन छोड़ कर धीरे धीरे रेट बढ़ाए जा रहे हैं। जिसके बारे में आसानी से मालूम नहीं चलता, लेकिन लंबे समय में यह रेट धीरे धीरे कर काफी बढ़ जाता है।
ऐसे में लोगों की नींद जब तक खुलती है तब तक वे पेट्रोल के काफी ज्यादा पैसा चुका चुके होते हैं।
जानिये पिछले दिनों के रेट...
दिनांक - पेट्रोल/लीटर - बदलाव - डीजल/लीटर - बदलाव
23-04-2018 - ₹ 80.05 - ₹ 0.1 - ₹ 69.19 - ₹ 0.11
22-04-2018 - ₹ 79.95 - ₹ 0.2 - ₹ 69.08 - ₹ 0.2
21-04-2018 - ₹ 79.75 - ₹ 0.13- ₹ 68.88 - ₹ 0.16
20-04-2018 - ₹ 79.62 - ₹ 0.01- ₹ 68.72 - ₹ 0.04
19-04-2018 - ₹ 79.61 - ₹ 0.05- ₹ 68.68 - ₹ 0.09
Published on:
23 Apr 2018 12:34 pm
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