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शहर के चौक-चौराहों पर मनमर्जी के होर्डिंग्स शासन के निर्देश के बाद भी नहीं हटे

शहर में जहां मर्जी वहां अवैध तरीके से होर्डिंग्स बैनर लगाए जा रहे हैं। इसके लिए न तो किसी की अनुमति ली जा रही हैं और ना ही नगरपालिका इस बारे में किसी से कोई पूछताछ कर रही है।

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नगरपालिका ने अभी तक चिन्हित नहीं किए चौक-चौराहों के होर्डिंग्स

The municipality has not yet marked the hoardings of the square-intersections

बैतूल। शहर में जहां मर्जी वहां अवैध तरीके से होर्डिंग्स बैनर लगाए जा रहे हैं। इसके लिए न तो किसी की अनुमति ली जा रही हैं और ना ही नगरपालिका इस बारे में किसी से कोई पूछताछ कर रही है। जिसके कारण शहर के चौक-चौराहें और सड़कें होर्डिंग्स और बैनर से पटे पड़े हैं। जबकि चौक-चौराहों पर लगे होर्डिंग्स के कारण वाहन चालकों का ध्यान विचलित होने से हादसे भी हो रहे हैं। हाल ही में नगरीय प्रशासन आयुक्त ने सड़कों को बेहतर बनाने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे होर्डिंग्स एवं बैनर को हटाए जाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन नगरपालिका अभी तक ऐसे होर्डिंग्स चिन्हित नहीं कर पाई है।

आयुक्त ने 15 दिन में हटाने के दिए थे निर्देश
नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त ने शहर में चौक-चौराहों और राज्यमार्गों पर लगे दुर्घटना संभावित होर्डिंग्स को हटाए जाने के निर्देश 17 मई को निकायों को जारी किए थे, जिसमें 15 दिवस में कार्रवाई कर अवगत कराया जाना था, लेकिन नगरपालिका ने अभी तक होर्डिंग्स को ही चिन्हित नहीं किया हैं। जब इस संबंध में नगरपालिका के राजस्व विभाग से चर्चा की गई तो कहा गया यातायात पुलिस के साथ भ्रमण कर होर्डिंग को चिन्हित किया जाकर हटाने की कार्रवाई जल्द शुरू की जाएगी।

सड़क सुरक्षा आडिट में सामने आई खामियां
सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी ने स्वतंत्र संस्था से राज्य में सड़क सुरक्षा ऑडिट कराया हैं। इस रिपोर्ट में राज्य की सड़कों को बेहतर बनाने एवं दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे होर्डिंग एवं बैनर हटाने के लिए अनुशंसा की गई है जिसके कारण दुर्घटनाएं होने का अंदेशा बना रहता है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त भरत यादव ने समस्त निकायों को ऐसे सभी बैनर-पोस्टर जो शहर के मुख्य चौक-चौराहों एवं राजमार्गों के जंक्शन पर लगाए गए हैं जिनके कारण दुर्घटना की संभावना बढ़ रही हैं उन्हें हटाए जाने के निर्देश दिए हैं।

शहर में सिर्फ 60 होर्डिंग्स ही वैध
नगरपालिका के रिकॉर्ड में शहर के चौक-चौराहों पर लगे सिर्फ 60 होर्डिंग्स की वैध हैं। जबकि शेष होर्डिंग्स नगरपालिका निजी जमीनों पर लगे होना बता रही हैं, लेकिन इसका कोई रिकॉर्ड नगरपालिका के पास नहीं है। दरअसल में सच्चाई यह है कि पूरा शहर होर्डिंग्स और बैनरों से पटा पड़ा है। अवैध तरीके से लोगों ने चौक-चौराहों और सड़कों के किनारे होर्डिंग्स लगा रखे हैं,लेकिन इसकी कोई गिनती नहीं है। नगरपालिका ने आज तक अवैध होर्डिंग्स को हटाने की कोई कार्रवाई तक नहीं की है। जबकि अवैध होर्डिंग्स से लोगों को सालाना लाखों रुपए की आय हो रही हैं इससे नगरपालिका को भी राजस्व का नुकसान हो रहा हैं।