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World Cup: हॉकी वर्ल्ड कप खेलेंगे विवेक सागर, ध्यानचंद ने पहचानी थी इनकी प्रतिभा

नर्मदापुरम (होशंगाबाद) जिले के इटारसी के रहने वाले विवेक सागर प्रसाद का भी भारतीय हॉकी टीम में चयन...।

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भोपाल

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Manish Geete

Dec 24, 2022

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hockey world cup 2023

भोपाल। मध्यप्रदेश के हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर एक बार फिर हॉकी वर्ल्ड कप में नजर आएंगे। इटारसी के रहने वाले विवेक सागर 13 से 29 जनवरी तक भुवनेश्वर में होने वाले हॉकी वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का हिस्सा होंगे। भारत का पहला मैत 13 जनवरी को राउरकेला में स्पेन के साथ होगा।

हॉकी वर्ल्ड कप की शुरुआत 13 से 29 जनवरी तक ओडिसा के भुवनेश्वर और राउरकेला में आयोजित होने जा रही है। इसके लिए भारतीय हॉकी टीम का चयन हो गया है। इसमें हरमनप्रीत सिंह भारतीय टीम के कप्तान हैं। अमित रोहिदास उपकप्तान हैं। अन्य खिलाड़ियों में मध्यप्रदेश के इटारसी के रहने वाले विवेक सागर प्रसाद, मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, नीलकांत, श्रमा, शमशेर सिंह, आकाशदीप सिंह, मनदीप सिंह, ललित कुमार उपाध्याय, अभिषेक, सुखजीत सिंह, राजकुमार पाल, जुगराज सिंह, कृष्ण बहादुर पाठक, श्रीजेश परात्तू, रविंद्रन, जमनप्रीत सिंह और सुरेंद्र कुमार शामिल हैं। इससे पहले टखने की चोट के कारण विवेक ऑस्ट्रेलिया के हालिया दौरे के साथ-साथ प्रो लीग में नहीं खेल पाए थे। विवेक की टीम में वापसी को काफी अच्छा माना जा रहा है।

डीएसपी के पद पर हैं विवेक सागर

मध्यप्रदेश में विवेक सागर डीएसपी के पद पर हैं। सरकार ने टोक्यो ओलिंपिक में शानदार प्रदर्शन करने वाले विवेक सागर को सम्मान स्वरूप डीएसपी के पद से सम्मानित किया था। भारत को ब्रांड मेडल दिलाने पर विवेक को राज्य सरकार ने एक करोड़ रुपए की राशि भी दी थी।

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ध्यानचंद की नजर पड़ी

12 वर्ष की उम्र में विवेक अकोला में एक टूर्नामेंट खेल रहे थे। तभी मशहूर हाकी खिलाड़ी अशोक ध्यानचंद की नजर पड़ी और विवेक की प्रतिमा को पहचान लिया। ध्यानचंद ने विवेक का नाम पता लिया और फिर अपने पास एकेडमी में बुला लिया। विवेक ने बताया कि कुछ दिनों तक उन्होंने अपने घर में ही ठहराया था। विवेक के पिता रोहित प्रसाद सरकारी प्राइमरी स्कूल गजपुर में शिक्षक हैं। मां कमला देवी गृहिणी और बड़ा भाई विद्या सागर सॉफ्टवेयर इजीनियर है। इसके अलावा दो बहनें पूनम और पूजा हैं। पूनम की शादी हो चुकी है और पूजा पढ़ाई कर रही है।

टूट गई थी गर्दन की हड्डी, आंतों में हो गया था छेद

होशंगाबाद के चांदौन गांव के रहने वाले विवेक सागर भी ऐसे खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने अपने ऊपर आई बाधा को हौंसले से पार कर लिया। साल 2015 में प्रैक्टिस के दौरान विवेक की गर्दन की हड्डी टूट गई थी। दवाइयों के हेवी डोज से आंतों में छेद हो गया। 22 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझते रहे। आखिरकार जिंदगी का मैच जीत लिया। इसके बाद जूनियर हॉकी टीम की मलेशिया में कप्तानी की और मैन ऑफ द सीरीज पर कब्जा जमा लिया। विवेक ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि यहां सीनियरों को हॉकी खेलते देखकर ही हॉकी के प्रति लगाव बढ़ा। इसके बाद सीनियरों से हॉकी स्टिक और दोस्तों से शूज मांगकर मिट्टी वाले ग्राउंड में प्रैक्टिस की।

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