
Holi 2026 कब है होली 206 (source: AI image)
Holi 2026: फिल्म शोले का डायलॉग होली कब है, अब यह डायलॉग आम लोगों का सवाल बन गया है। तिथि, भद्रा और चंद्रग्रहण के कारण रंगों के इस पर्व को लेकर लोग असमंजस में है। भोपाल के अधिकांश पंडितों का कहना है कि पूर्णिमा तिथि 2 मार्च शाम से प्रारंभ हो जाएगी, जो 3 मार्च तक रहेगी, साथ ही भद्रा रहेगी। ऐसे में होलिका दहन 2 की मध्यरात्रि के बाद 3 के ब्रह्ममुहूर्त तक होलिका दहन श्रेष्ठ रहेगा। 3 मार्च को चंद्रग्रहण रहेगा। ऐसे में 4 मार्च को धुलेंडी पर्व मनाया जाएगा।
सरकारी कैलेंडर में होलिका दहन 2 मार्च और धुलेंडी पर्व का अवकाश 3 मार्च को दर्शाया गया है। आमतौर पर होली के अगले दिन ही धुलेंडी पर्व होता है, लेकिन इस बार 3 मार्च को चंद्रग्रहण रहेगा, जिसका सूतक सूर्योदय के बाद प्रारंभ हो जाएगा, जो शाम को ग्रहण समाप्ति तक रहेगा।
पंडितों का कहना है कि होली पर भद्रा और चंद्रग्रहण का साया है। पं. विष्णु राजौरिया ने बताया कि पूर्णिमा तिथि 2 मार्च 6 बजकर 04 मिनट पर आएगी। इसके साथ ही भद्रा भी प्रारंभ हो जाएगा। भद्रा का समापन 3 मार्च को सुबह 5 बजकर 1 मिनट पर होगा। इसलिए 5 बजकर 1 मिनट से सूर्योदय 6 बजकर 44 मिनट तक होलिका दहन का शुभमुहूर्त रहेंगा। आवश्यक स्थिति में भद्र के पूच्छ काल में रात 2 बजे के बाद होलिका दहन किया जा सकता है। पूर्णिमा तिथि 3 को शाम 5.15 तक रहेगी, अतः धुलेंडी पर्व 4 को उदयकालिनी प्रतिपदा 4 मार्च को मनाया जाएगा। पं. जगदीश शर्मा ने बताया कि 3 मार्च को ग्रहण भारतीय समय अनुसार ग्रहण का स्पर्श दोपहर 3.20, मध्य शाम 5:04 मिनट और मोक्ष 6:47 बजे होगा। भारत में यह ग्रस्तोदय स्थिति में दिखाई देगा। भोपाल में यह ग्रहण सूर्यास्त के समय कुछ समय के लिए देखा जा सकेगा।
धुलेंडी पर निकलने वाला हिंदू उत्सव समिति का चल समारोह 4 मार्च को निकाला जाएगा। हिंउस के अध्यक्ष चंद्रेशखर तिवारी ने बताया कि 3 मार्च को ग्रहण है, उड़ाती गाड़ियां, पानी और रंगों के टैंकर, आकर्षक झांकिया, ढोल, तासे, बैंड, डीजे इसलिए होली का जुलूस अगले दिन 4 मार्च को निकाला जाएगा। इसमें रंग गुलाल आदि शामिल रहेंगे। दूसरी ओर शहर के मंदिरों में होली का उत्सव 4 को ही रहेगा, क्योकि 3 मार्च को चंद्रग्रहण के कारण मंदिरों के पट बंद रहेंगे।
Published on:
24 Feb 2026 10:12 am
