
Holi 2019
भोपाल। हर्षोल्लास के त्यौहार होली में रंगों का विशेष महत्व है। बिना रंगों के होली का रंग फीका-फीका सा लगता है। पहले एक-दूसरे को रंग लगाये जाते थे लेकिन समय के अनुसार परिवर्तन हुआ और रंगों की जगह गुलाल ने ले ली। रंगों से गुलाल ज्यादा बेहतर है क्योंकि ये न तो आपके कपड़े खराब करता है और न ही आपकी त्वचा को विशेष नुकसान पहुंचाता है। फाल्गुन मास के अंत में गौर पूर्णिमा का दिन होलिका दहन के रूप में मनाया जाता है। अगले दिन रंगों का त्योहार होली (धुरेंडी) मनाया जाता है। आज होलिका दहन है।
शहर के ज्योतिषाचार्य पंडित जगदीश शर्मा बताते है कि आज के दिनसूर्य मीन राशि में रहेगा, जो कि बृहस्पति की राशि है और सात साल के बाद ऐसा शुभ संयोग आया है जब देवगुरु बृहस्पति के प्रभाव में गुरूवार के दिन होली मनाई जाएगी।पंडित जी बताते है कि होलिका दहन से पहले जरूर कर लें ये काम तो जीवन में कभी नहीं होगी पैसों की कमी.......
जरूर करें ये काम
होलिका दहन की रात को पति-पत्नी चंद्रमा के उदय होने के बाद घर के आंगन में खड़े हो जाए। फिर चांदी की प्लेट में छुआरे और मखाने लेकर घी का दीपक जलाएं। इसके बाद चंद्रमा को दूध से अर्घ्य देकर धूपबत्ती से पूजा करें। सफेद मिठाई या फिर केसर मिश्रित चावल या साबूदाने की खीर अर्पित करें। ऐसा करने से घर में कभी भी पैसों की कमी नहीं होगी।
ऐसे करें पूजन
प्रदोष काल में पूजन करना शुभ होता है। पूजा के समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुंह करके बैठना चाहिए। अब माला, रोली, गंध, पुष्प, कच्चा सूत, गुड़, साबुत हल्दी, मूंग, बताशे, गुलाल, नारियल, पांच प्रकार के अनाज में गेहूं की बालियां और साथ में एक लोटा जल पूजा में जरूर रखना चाहिए। जल लेकर होलिका के चारों ओर परिक्रमा करनी चाहिए उसके बाद होली जलानी चाहिए।
ये है शुभ मुहुर्त
पूर्णिमा तिथि
आरंभ- 20 मार्च- 10:44
समाप्त- 21 मार्च- 07:12
होलिका दहन
रात्रि 8.58 से रात 12.05 बजे तक।
Published on:
20 Mar 2019 02:31 pm
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