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हनी ट्रैप- मोनिका की मानव तस्करी के दौरान जिन्होंने शारीरिक शोषण किया, सीआईडी ने उन्हें बचाया

एफआईआर में बरखा सोनी भटनागर का है नाम, लेकिन आरोप पत्र से गायब कर दिया श्वेता स्वप्निल जैन को आरोपी बनाया, लेकिन चालान में आरोप ही तय नहीं

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बड़ा खुलासा: हनीट्रैप गिरोह के साथ दो टीवी पत्रकारों ने भी निभाई दलाल की भूमिका

बड़ा खुलासा: हनीट्रैप गिरोह के साथ दो टीवी पत्रकारों ने भी निभाई दलाल की भूमिका

भोपाल/ हनी ट्रैप मामले में मोनिका यादव की मानव तस्करी कर उसे आईएएस, इंजीनियर, व्यापारी, नेता, अफसर और अन्य के सामने पेश कर उसका शारीरिक शोषण किया गया, लेकिन सीआईडी ने 28 दिसंबर को जो चालान पेश किया, उसमें किसी को भी आरोपी नहीं बनाया गया। चौंकाने वाली बात तो यह है कि मोनिका की मानव तस्करी के मामले में बरखा सोनी भटनागर पति अमित सोनी को आरोपी बनाया गया था, लेकिन सीआईडी ने आरोप पत्र से बरखा का नाम ही हटा दिया।

मोनिका के पिता की शिकायत पर मानव तस्करी का मामला दर्ज कर जांच की लेकिन मानव तस्करी की अवधि में आरती दयाल, श्वेता विजय जैन, अभिषेक सिंह ठाकुर, श्वेता स्वप्निल जैन और बरखा सोनी ने मोनिका को कई जगह पेश किया। उसे राजस्थान, छतरपुर, इंदौर, भोपाल आदि शहरों में अधिकारियों-नेताओं आदि के पास भेजकर शारीरिक शोषण किया गया, लेकिन शोषण करने वालों को आरोपी तक नहीं बनाया गया है।

आरोप पत्र में यह कहा गया कि मोनिका को शारीरिक शोषण के लिए धनी, रसूखदार व प्रभावशाली व्यक्तियों के पास भेजकर उनके साथ पीडि़ता (मोनिका) के अंतरंग-अश्लील व आपत्तिजनक वीडियो प्रभावशाली व्यक्तियों को ब्लेकमेल करने उनसे धनराशि एंठने और उनके पद का उपयोग करने के इरादे से उपयोग किया गया है।

लेकिन धनवान, रसूखदार व प्रभावशाली लोग, जिन्होंने मोनिका का शोषण किया, उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया हैं। चालान में यह भी लिखा है कि पीडि़ता (मोनिका) का यौन शोषण आरती दयाल, श्वेता विजय जैन, अभिषेक सिंह ठाकुर के सहयोग से किया गया। लेकिन जिन्होंने शोषण किया उनसे सीआईडी ने न तो पूछताछ की न ही उन्हें आरोपी बनाया।

बरखा- श्वेता स्वप्निल जैन, निगम-खरे को भी छोड़ा

मोनिका के बयान में यह भी बात सामने आई है कि श्वेता जैन के संपर्क में बरखा भटनागर सोनी, श्वेता स्वप्निल जैन है। मोनिका ने कहा है कि मैंने सुना है कि श्वेता स्वप्निल जैन के संपर्क श्वेता विजय जैन से भी बड़े लोगों से हैं।

मोनिका ने सीआईडी को बयान दिया है कि हरीश खरे और अरुण निगम दोनों ने शराब पीकर जबरन शोषण किया, लेकिन दोनों को भी आरोपी नहीं बनाया गया है। अरुण निगम वर्तमान में खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल के निज सहायक हैं और हरीश खरे खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निज सहायक हैं। बरखा भटनागर सोनी का नाम एफआईआर में था, लेकिन आरोप पत्र से नाम हटा दिया गया। बरखा का पति अमित सोनी कांग्रेस पदाधिकारी रह चुका है।

इन्होंने किया शोषण, लेकिन सीआईडी ने आंच नहीं आने दी

1. राजेश गंगेले, जयपुर में।
भूमिका- गंगेले को पहले मोनिका के अश्लील फोटो खींचकर आरती ने भेजे थे। मोनिका ने बयान दिया कि राजेश ने उसके जबरन कपड़े उतारे और शोषण किया। आरती ने हम दोनों की मौजूदगी में गंगेले का वीडियो बनाया था। शारीरिक संबंध बनाने के लिए मैं तैयार नहीं हुई तो श्वेता विजय जैन से बात करवाकर दबाव बनाया गया।

आरोप- कोई आरोप नहीं।
2- अरुण निगम व हरीश खरे-

भूमिका- अरुण निगम-हरीश खरे, दोनों आरती के मीनाल रेसीडेंसी वाले घर रात दस बजे पहुंचे। अरुण ने खुद को माइनिंग ऑफिसर बताया। आरती दयाल, मोनिका, अरुण और हरीश ने साथ में शराब पी। हरीश ने मोनिका के साथ और अरुण ने आरती के साथ संबंध बनाए। इस दौरान वीडियो बनाया गया। हरीश ने मोनिका के कपड़े
उतारकर पकड़ लिया था।

आरोप- कोई आरोप नहीं।
3. मनोज त्रिवेदी व दो अन्य साथी टिल्लू व चुलबुल पांडे, छतरपुर

भूमिका- आरती ने मनोज त्रिवेदी के फॉर्म हाउस पर मोनिका को भेजा। यहां संबंध बनाकर वीडियो बनाया। मनोज को ब्लेकमेल किया जाना था लेकिन टीआई ने मना कर दिया। टीआई को वीडियो के बारे में जानकारी थी।

आरोप- कोई आरोप नहीं।
4. हरभजन सिंह, इंदौर

भूमिका- श्री होटल में 18 अगस्त और होटल इनफीनिटी इंदौर में 30 अगस्त 2019 को हरभजन का वीडियो बनाया गया। आरती की कार से इंदौर गए थे। दोनों बार आरती के साथ वीडियो बनाया गया, जिसमें मोनिका भी नजर आ रही है। मोनिका का नाम सीमा सोनी बताकर परिचय करवाया गया था।

5. अरुण सेहलोत
भूमिका- मोनिका के बयान में सामने आया है कि आईएएस अफसर पीसी मीणा का वीडियो वायरल करवाने में अरुण सहलोत की भूमिका रही है।

आरोप- कोई आरोप नहीं।
6. गौरव शर्मा-

भूमिका- जून 2019 में दिन के समय श्वेता आरती के घर पर आई। शाम को श्वेता विजय जैन, आरती व पत्रकार गौरव शर्मा के साथ आरती कमला नगर वाले घर पहुंचे। दो काले रंग के ब्रीफकेस लेकर आरती कमरे में आई। तीनों ने पैसे बांटे। एक करोड़ रुपए किसी आईएएस अधिकारी ने दिए थे, इसका बंटवारा किया गया। 33 लाख रुपए गौरव ने रखे।
7. वीरेंद्र शर्मा-

भूमिका- 15 अगस्त 2019 को रात को आरती की क्रेटा से पीसी मीणा द्वारा दिए गए पैसे दानापानी रेस्टोरेंट के पास वीरेंद्र शर्मा के घर से लेने पहुंचे। साथ में रुपा अहिरवार भी थी। थैले में 500-2000 रुपए के नोट थे। घर पहुंचकर आरती के कमरे में पैसे गिने। 20 लाख रुपए थे। गौरव शर्मा व वीरेंद्र शर्मा को माध्यम बनाकर पैसे लेते थे।
आरोप- कोई आरोप नहीं।

8. रुपा अहिरवार-
भूमिका- नरेश सीतलानी, मनीष अग्रवाल को ब्लेकमेल किया। पीसी मीणा से 20 लाख रुपए लिए। नरेश से 5 लाख लिए। आरती ओर रुपा ने आधे-आधे रख लिए।

आरोप- कोई आरोप नहीं

मानव तस्करी के मामले में हर तरह का शोषण पीडि़ता के साथ किया गया है। धारा 370 में प्रावधान है कि किसी भी तरह के शोषण करने वाले आरोपी होंगे, लेकिन शोषण करने वालों को बख्श दिया गया है। इस मामले में हरभजन सिंह को आरोपी ही नहीं बनाया गया। जहां-जहां मोनिका को भेजा गया उन सभी को आरोपी नहीं बनाने पर कोर्ट में याचिका लगाएंगे।
- अजय दुबे, आरटीआई एक्टिविस्ट
जिन्होंने पीडि़ता के साथ संबंध बनाए हैं, वे निश्चित रूप से आरोपी बनते हैं, पुलिस को इन्हें आरोपी बनाने के अधिकार भी हैं। यदि आरोपी नहीं बनाए गए हैं तो केस के ट्रायल के दौरान कोई भी आवेदन लगाकर संबंधितों को आरोपी बनवाने का आग्रह कोर्ट से कर सकता है। कोर्ट भी केस की गंभीरता को देखते हुए ट्रायल के दौरान ऐसे लोगों को आरोपी बनाने के निर्देश दे सकता है।
- एसएन द्विवेदी, सेवानिवृत्त न्यायाधीश