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हनी ट्रैप कांड में बड़ा खुलासा : पुलिस ने मांगा रिमांड, कोर्ट ने किया इनकार

ब्यूटी ब्लैकमेलर: एटीएस को मिला था इंटेलीजेंस फीडबैक, जांच में हुई इसकी पुष्टिदो टारगेट पूरे कर तीसरे की थी तैयारी

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भोपाल. इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह के हनी ट्रैप कांड में गिरफ्तार 5 महिलाओं का काम सिर्फ ब्लैकमेलिंग तक सीमित नहीं था। वे सरकार को अस्थिर करने के षड्यंत्र में भी थीं। एटीएस सूत्रों का कहना है कि इंटेलीजेंस के पास सूचना थी कि भाजपा से जुड़े एक पूर्व मंत्री के इशारे पर गिरोह का इस्तेमाल कर कांग्रेस के 7 विधायकों को हनी ट्रैप में फंसाने का प्लान था। इसमें श्वेता विजय जैन की भूमिका अहम थी। इसकी तह तक जाने के लिए एटीएस को जिम्मा सौंपा। इसके बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ भी पूरे मामले की मॉनीटरिंग करते रहे।

एटीएस जांच में फीडबैक मिला कि ब्यूटी ब्लैकमेलरों ने दो मंत्रियों को फंसा लिया है, लेकिन तीसरा टारगेट पूरा होने से पहले ही एटीएस ने कॉल डिटेल्स के जरिए भंडाफोड़ कर दिया। पहले यह जांच साइबर सेल को देनी थी, लेकिन उसके एक अधिकारी के आपत्तिजनक वीडियो आने से जांच एटीएस को सौंप दी। दरअसल, श्वेता विजय जैन 2012 से बड़े भाजपा नेताओं से नजदीकी रही है। 2013 में विधानसभा चुनाव का टिकट भी मांगा था। एक वीडियो आनेे से दावेदारी खत्म हो गई। सत्ता बदलने पर उसने ब्लैकमेलिंग की स्टाइल में परिवर्तन किया। कांग्रेस में दखल बढ़ाने टीम बी तैयार की। इसमें कांग्रेस नेताओं के नजदीक रही बरखा सोनी को जोड़ा।

पुलिस ने मांगा रिमांड, कोर्ट ने किया इनकार

इंदौर निगम के इंजीनियर को उनका अश्लील वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करने में गिरफ्तार श्वेता विजय जैन, श्वेता स्वप्निल जैन व बरखा सोनी को कोर्ट ने 4 अक्टूबर तक जेल भेज दिया है। पुलिस ने इन्हें न्यायिक दंडाधिकारी राकेश कुमार पाटीदार की कोर्ट में पेश किया। पलासिया थाना टीआई अजीत सिंह ने अश्लील वीडियो वाले स्थान की शिनाख्त का तर्क देकर तीन दिन का रिमांड मांगा। आरोपी पक्ष के वकीलों ने यह कहते हुए विरोध किया कि जिस मोबाइल से वीडियो बनाया है, वह जब्त कर लिया गया है। आरोपी आरती दयाल, मोनिका यादव तथा ड्राइवर ओमप्रकाश कोरी तीन दिन के रिमांड पर हैं।

सत्ता बदलने के बाद श्वेता ने बना ली थीं दो टीम

टीम-ए - इसमें श्वेता विजय जैन के साथ रिवेरा टाउन में रह रही सहेली श्वेता स्वप्निल जैन, लूप लाइन में पड़े तीन आईएएस, दो आईपीएस, तीन पूर्व मंत्री, चार विधायक भी थे। इसमें तीन अन्य युवतियों को जोड़ रखा था। श्वेता के भरोसेमंद तीन पूर्व मंत्रियों में से एक सरकार गिराने का बार-बार बयान देकर सुर्खियों में रहे हैं। यह टीम सरकार से एनजीओ के नाम पर पैसा कमाती थी। श्वेता स्वप्निल अलग से भी काम करती थी।

टीम-बी - सरकार बदलने के बाद श्वेता विजय जैन ने टीम-बी बनाई। इसकी मुखिया कांग्रेस में रसूख रखने वाली बरखा को बनाया। इसकी मदद के लिए आरती दयाल को सहयोगी बनाया गया। इसमें करीब 19 युवतियों को जोड़ा गया। इन्हें राजनीतिक या प्रशासनिक गलियारों में नहीं देखा गया था। इन्हीं युवतियों की अफसर और नेताओं के साथ संबंध बनाने की वीडियो क्लिप बरामद हुई हैं।


40 को बना चुकी हैं शिकार, रडार पर थे 100 रसूखदार

बरामद वीडियो क्लीपिंग्स की प्रारंभिक जांच और पूछताछ में पता चला है कि टारगेट पर कुल 100 नेता, अफसर व कारोबारी थे। इनमें से 40 लोगों को हनी ट्रैप कर ब्लैकमेल किया जा चुका है। इसमें दो पूर्व सीएम, 2 मंत्री, 3 पूर्व मंत्री, 1 पूर्व सांसद, 15 आइएएस, 8 आइपीएस के साथ ही कुछ बड़े व्यापारी भी हैं। इंदौर एटीएस टीम के सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार महिलाओं ने टारगेट किए लोगों की बकायदा सूची बना रखी थी। इसकी जांच की जा रही है। कॉल डीटेल्स के माध्यम से 50 से ज्यादा महिलाओं के नंबर भी एटीएस को मिले हैं। इनका उपयोग ये शिकार फंसाने के लिए करती थीं। एटीएस को लैपटॉप में कई पोर्न वीडियो मिले हैं।

पुलिस ने हाथ खींचे

हनीट्रैप मामले की जांच से पलासिया थाने ने हाथ खींच लिए हैं। एसपी पूर्व यूसुफ कुरैशी ने एसएसपी को पत्र लिखकर जांच क्राइम ब्रांच से करवाने कहा है। अभी जांच क्राइम ब्रांच के एएसपी अमरेंद्रसिंह कर रहे हैं।