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ढोंगी बाबा कैसे कर रहे धर्म का विनाश, इस पर विदेश में होगा नाटक

-केंद्रीय संस्कृत विवि भोपाल के बच्चों को लंदन और आयरलैंड से आमंत्रण-केरल की कुडियट्टम शैली में सात में तैयार किया सेट-पांचवी शताब्दी में लिखे नाटक के जरिए दिखाई जाएगी देश की छवि

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Dhongi Baba

शगुन मंगल/भोपाल। राजधानी स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में लंदन में प्रस्तुति के लिए नाटक तैयार हो रहा है। 12 साल से स्थापित भोपाल केंद्र से पहली बार कोई नाटक विदेश में खेला जाएगा। इसके लिए देशभर से 9 और एक विदेशी छात्र का चयन हुआ है।

पांचवी शती के कवि की रचना होगा मंचन

पांचवी शताब्दी के कवि बोधायन की रचना भदवद्ज्जुकमज् का मंचन होगा। इसमें व्यंग्य के जरिए धर्म में प्रवेश कर चुकी कुरीतियों को दिखाया जाएगा। इसमें हास्य प्रधान रस और योग दर्शन की छवि प्रस्तुत होगी।

कुडियट्टम शैली में तैयार हुआ सेट

नाटक के लिए केरल की विशेष कुडियट्टम शैली से सेट तैयार किया गया है। इसे बनाने में सात दिन लगे। सेट को इस तरह से डिजाइन किया है कि ये आसानी से लंदन ले जाया जा सके। सेट में 5 वी शताब्दी का दृश्य दिखाया गया है। साथ ही 3 म्यूजिक आर्टिस्ट ने मिलकर खास बैकग्रांउड म्यूजिक ट्रेक तैयार किया है।

कई जगहों से आमंत्रण

लंदन की भारतीय विद्याभवन यूनिवर्सिटी और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में नाटक का मंचन होगा। इसके अलावा अब आयरलैंड और अन्य देशों से भी केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, भोपाल को इनविटेशन आ रहे हैं। इस नाटक के लिए भोपाल के नाट्य अनुसंधान केंद्र के 5 छात्रों का चयन हुआ है। इसके अलावा 4 कर्नाटक के सिगेंरी कैंम्पस के छात्र हैं। वहीं भोपाल से पढ़ चुकी एक छात्रा जो लंदन में हैं वो परफॉर्म करेंगी। नाटक को तैयार करने के लिए केरल और कर्नाटक से भी विशेष प्रशिक्षक बुलाए गए हैं।

10 दिन में हर रोज 10 घंटे प्रैक्टिस

नाट्य अनुसंधान केंद्र के एचओडी प्रो. सुज्ञान कुमार मंहती ने बताया कि इसमें भारत के सभी राज्यों की विधाओं को समाहित किया गया है। एक घंटे के इस नाटक के जरिए आजकल ढोंगी बाबा बनकर जो अपना पेट भरने के लिए धर्म का विनाश कर रहे हैं, उन पर कटाक्ष किया गया है। इसके लिए छात्र एक सप्ताह से प्रैक्टिस कर रहे हैं। नाटक को इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि गैर संस्कृत भाषी भी इसे आसानी से समझ सकें।

प्रो.रमाकांत पांडे, डायरेक्टर, भोपाल कैंपस का कहना है कि भोपाल कैंम्पस से पहली बार विदेश में नाटक खेला जाएगा। इसके लिए पूरी तैयारी है। अब अलग-अलग जगहों से भी इनविटेशन आ रहे हैं। हमारा उद्देश्य पूरी दुनिया में भारतीय संस्कृति को मजबूती से पेश करना है और यहां छात्रों का टेलेंट दिखाना है।