
भोपाल. मध्यप्रदेश में नाम बदलने की सियासत तेज हो गई है। मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले का नाम नर्मदापुरम करने की घोषणा मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा जयंती के मौके पर की है। बता दें कि लंबे समय से होशंगाबाद का नाम बदलने की मांग की जा रही थी। आइए जानते हैं कि आखिऱ होशंगाबाद जिले का नाम होशंगाबाद क्यों और कैसे पड़ा।
क्या है इतिहास
मध्य प्रदेश के खूबसूरत शहरों में शुमार होशंगाबाद का नाम सदियों पहले नर्मदापुरम् ही था लेकिन बाद में इसका नाम नर्मदापुरम् से बदलकर होशंगाबाद कर दिया गया था। दरअसल, जानकारों के अनुसार, नर्मदा नदी के किनारे बसे होने के कारण इस शहर का नाम नर्मदापुरम् रखा गया था। लेकिन बाद मालवा के पहले इस्लामिक शासक माने जाने वाले होशंग शाह ने इसका नाम बदल दिया था।
होशंग शाह ने 1404-1435 तक राज किया था। होशंग शाह मालवा क्षेत्र का औपचारिक रूप से नियुक्त प्रथम इस्लामिक राजा था। मालवा का राजा घोषित होने के बाद होशंग शाह ने अपने नाम के नर्मदापुरम का नाम होशंगाबाद कर दिया था। 1405 ईस्वी में उसने अपने नाम पर ही नर्मदापुरम का नाम होशंगाबाद करवा दिया था। जिसके बाद इस शहर को होशंगाबाद के नाम से जाना जाने लगा था।
अब होगा नर्मदापुरम
नर्मदा नदी के उत्तरी तट पर बसा यह खूबसूरत शहर प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ धार्मिक नगरी के रूप में भी जाना जाता है। अब इस शहर का नाम एख बार फिर से बदल कर नर्मदापुरम करने की घोषणा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की है।
Published on:
22 Feb 2021 05:02 pm
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