15 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मानवाधिकार आयोग को मिलेगा नया अध्यक्ष.. ये हो सकते हैं नए अध्यक्ष!

बैठक में नहीं पहुंचे नेता प्रतिपक्ष.. जस्टिस जैन के नाम पर सहमति

2 min read
Google source verification
human commission

भोपाल। राज्य मानवाधिकार आयोग के सात सालों से खाली पड़े अध्यक्ष पद पर सिक्किम हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस नरेंद्र कुमार जैन की नियुक्ति तय है। नियुक्ति के लिए गठित हाईपॉवर कमेटी ने बुधवार को जैन के नाम पर मुहर लगा दी। इस कमेटी की बैठक में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने शिरकत नहीं की। अजय ने जैन के नाम पर सहमति से भी इनकार किया है। इसके बावजूद दो-तीन दिन में नियुक्ति आदेश जारी हो सकता है। विधानसभा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हाईपॉवर कमेटी की बैठक हुई। इसमें विधानसभा अध्यक्ष सीतासरन शर्मा व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह मौजूद रहे। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह स्वास्थ्य खराब होने के कारण नहीं आए। सूत्रों के मुताबिक अजय सिंह गुवाहाटी हाईकोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस अजीत सिंह को अध्यक्ष बनाने के पक्ष में थे, लेकिन उन्हें इस बात की खबर थी कि मुख्यमंत्री, अध्यक्ष व गृहमंत्री जैन के नाम पर सहमत हैं।

2010 से खाली था पद
मा नवाधिकार आयोग अध्यक्ष का पद सात साल से खाली पड़ा है। वर्ष 2010 में जस्टिस डीएम धर्माधिकारी अध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके बाद पूर्व जस्टिस एके सक्सेना को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया। फिर वे सेवानिवृत्त हुए तब से लगातार कार्यवाहक अध्यक्ष ही काम कर रहे हैं। वर्तमान में हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त रजिस्ट्रार जनरल मनोहर ममतानी कार्यकारी अध्यक्ष हैं। ममतानी ने अप्रैल 2017 में आयोग सदस्य के रूप में आए थे। बाद में उन्हें कार्यवाह अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। नियमानुसार इस पद पर सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज या हाईकोर्ट के रिटायर मुख्य न्यायाधीश को पदस्थ किया जा सकता है।

नेता प्रतिपक्ष बैठक में नहीं पहुंचे थे। कोरम पूरा हो गया था। हमने बैठक कर ली। किसके नाम पर सहमति बनीं, इसके बारे में शासन बताएगा।
-सीतासरन शर्मा, अध्यक्ष, विधानसभा

मेरी तबीयत खराब होने के कारण मैं नहीं गया। मुझे मुख्यमंत्री और स्पीकर ने फोन किया था। वे दोनों साथ थे। उन्होंने पूछा आ रहे हैं, मैंने कहा नहीं आ पाऊंगा। मुझसे न नाम पूछा न सहमति ली और न ही मैंने किसी के नाम पर सहमति दी है।
-अजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष मप्र विधानसभा