
भोपाल। बार-बार शवों के साथ मानवता शर्मसार करने वाली घटनाओं के सामने आने के बाद भी अब तक अधिकारी इस ओर ध्यान देते नहीं दिख रहे हैं। ऐसा ही एक मामला भोपाल के बैरसिया से भी सामने आया है। जहां एक शव को पोस्ट मार्टम के लिए एक किलोमीटर दूर अस्पताल में ले जाने के लिए हाथ ठेले का इस्तेमाल करना पड़ा। वहीं जो सूचना सामने आ रही है उसके अनुसार इस दौरान वही अस्पताल में सरकारी एम्बुलेंस खड़ी होने के बावजूद ऐसी घटना को अंजाम दिया गया।
ऐसे समझें पूरा मामला...
दरअसल मंगलवार की सुबह बैरसिया के ईदगाह के सामने के मैदान में पर्वत नामक व्यक्ति की लाश मिली। इस दौरान कई बार सूचना देने के बावजूद बैरसिया अस्पताल से कोई मदद नहीं मिलने के बाद पुलिस लाश को हाथ ठेले में लेकर अस्पताल तक गई।
इस पूरे मामले में खास बात यह रही कि इस दौरान अस्पताल में एम्बुलेंस खड़ी रही, लेकिन शव को अस्पताल लाने यानि पोस्टमार्टम को ले जाने के लिए इस एम्बूलेंस को भेजा ही नहीं गया।
इससे पहले भी हो चुकीं हैं ऐसी घटनाएं:
पूर्व में बैतूल के मुलताई में रेलवे पुलिस व प्रशासन की असंवेदनशीलता का एक मामला सामने आ चुका है, यहां पिछले दिनों रेलवे स्टेशन के करीब ट्रेन से एक युवक कट गया। सुबह 5.30 बजे से ट्रेक पर लाश पड़ी रही और जीआरपी का अमला 12.30 बजे मौके पर पहुंचा। पंचनामा कार्रवाई के बाद रेलवे पुलिस ने लाश को चार पहिए के ठेले पर रखकर पीएम हाउस के लिए भिजवाया।
नगर के मुख्य मार्ग से हाथ ठेले में रखी लाश को करीब डेढ़ किलोमीटर दूर तक ले जाया गया। इस घटनाक्रम को देखकर आमजन को कुछ दिन पूर्व ओडिसा के कालाहांडी में हुआ घटनाक्रम याद आ गई, जिसमें एक युवक अपनी पत्नी की मौत के बाद उसके शव को वाहन की व्यवस्था न होने के चलते कई किमी दूर तक अपने कंधे पर रखकर ले गया था।
शव को पीएम हाउस तक ले जाने के लिए रेलवे पुलिस ने शव वाहन तक की व्यवस्था करने की जहमत नही उठाई। शव के साथ पहुंचे जीआरपी के इंद्रपाल चौकसे ने बताया कि शव वाहन का इंतजाम न होने के कारण मजबूरी में शव को हाथ ठेले से लाया गया। मृतक की शिनाख्त नही हो पाई है।
Published on:
16 Jan 2018 03:05 pm
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