
भोपाल। राज्य सरकार ने 2015 बैच के आइएएस रोशन कुमार सिंह IAS RoshanKumar Singh को उज्जैन का नया नगर निगम आयुक्त Ujjain Municipal Corporation Commissioner बनाया है। अभी तक रोशन मुरैना जिला पंचायत सीइओ थे। उज्जैन निगम आयुक्त अंशुल गुप्ता को गुरुवार को खराब व्यवहार और काम में लापरवाही के कारण हटाया गया था। इसके बाद महाकालेश्वर मंदिर के प्रशासक संदीप कुमार सोनी को चार्ज दिया गया था। उज्जैन में 11 अक्टूबर को पीएम नरेंद्र मोदी महाकाल लोक का लोकार्पण करने आ रहे हैं। इस कारण उज्जैन इस समय बेहद अहम हो गया है। अब रोशन IAS RoshanKumar Singh को नई जिम्मेदारी दी गई है।
इसलिए हटे अंशुल गुप्ता
इससे पहले राज्य सरकार ने पीएम नरेन्द्र मोदी के 11 अक्टूबर के दौरे के पांच दिन पहले गुरुवार को उज्जैन नगर निगम आयुक्त अंशुल गुप्ता को हटा दिया था। जिसके बाद 2016 बैच के आइएएस अंशुल को मंत्रालय में बिना विभाग के उपसचिव बनाया गया। अंशुल को काम में लापरवाही और खराब व्यवहार के कारण हटाया गया।
हटाने के रहे ये बड़े कारण
- महाकाल लोक के निर्माण में पहला लोकायुक्त प्रकरण निगमायुक्त अंशुल गुप्ता पर दर्ज होने से विवाद में आए।
- किसी बड़े आयोजन में टीम भावना से काम नहीं।
- वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों से समन्वय नहीं।
- निगम कर्मचारी-अधिकारी से समन्वय नहीं, अभद्रता व व्यक्तिगत कार्रवाई कर परेशान करना।
इससे पहले नगरीय आवास एवं विकास मंत्री भूपेंद्रसिंह ने उनके कामकाज पर नाराजगी जताई थी। बता दें कि इससे पहले भी अंशुल को खराब व्यवहार के कारण हटाया गया था। नगर निगम उज्जैन के आयुक्त का प्रभार महाकालेश्वर मंदिर प्रशासक संदीप कुमार सोनी को दिया गया है। उनके पास पहले से सीईओ उज्जैन विकास प्राधिकार का अतिरिक्त प्रभार है।
निर्देशों की पालना नहीं
सीएम शिवराज सिंह चौहान बुधवार को उज्जैन पहुंचे थे। वहां शिवराज ने महाकाल दर्शन के अलावा महाकाल लोक के लोकार्पण की तैयारियों का मुआयना किया था। इस लोक का लोकार्पण पीएम मोदी 11 अक्टूबर को करेंगे। सूत्रों के मुताबिक सीएम को दौरे में अंशुल की शिकायतें मिली थीं। इसमें लोगों से बेहद खराब व्यवहार करने व काम में लापरवाही की शिकायतें शामिल रहीं। सीएम के पिछले दौरे में भी जो निर्देश दिए गए थे, उनका पालन नहीं हो पाया था। इसके चलते अंशुल को हटा दिया गया।
उमरिया से भी हटाए गए थे पहले
इससे पहले उमरिया में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पद पर रहते हुए भी अंशुल को खराब व्यवहार व काम में लापरवाही की शिकायत पर हटाया गया था। अंशुल को उमरिया से हटाकर ही उज्जैन भेजा गया था। तब, उमरिया में अंशुल को हटाने के लिए कुछ कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट में धरना तक दिया था। कर्मचारियों की शिकायत थी कि अंशुल बेहद बद्तमीजी से व्यवहार करते हैं। अंशुल महू व कुक्षी में एसडीएम भी रह चुके हैं।
Published on:
07 Oct 2022 10:26 pm

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