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मंथन से निकलेगा विचारों का अमृत

दिग्गज विचारकों का होगा जमावड़ा

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Sumeet Pandey

Nov 12, 2016

bhopal

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भोपाल
. तीन दिवसीय लोक मंथन कार्यक्रम का शनिवार से शुभारंभ हो रहा है। मंथन के एक दिन पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक मंथन में जो विचार मंथन होगा उसे राज्य सरकार आगे बढ़ाने का काम करेगी। शुभारंभ मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, प्रज्ञा प्रवाह के सदानंद सप्रे उपस्थित थे। इस मौके पर संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव ने लोक मंथन कार्यक्रम एवं प्रदर्शनी की अवधारणा की जानकारी दी। संस्कृति विभाग, प्रज्ञा प्रवाह और भारत भवन के सहयोग से हो रहे इस मंथन में विचारक भाग ले रहे हैं।


लंबे समय बाद बड़े मंच पर सुरेश सोनी

व्यापमं घोटाले में नाम सामने आने पर विवादों में घिरे सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी लंबे समय बाद सरकार के किसी आयोजन में मंच पर नजर आएंगे। इस दौरान सोनी राज्यपाल ओमप्रकाश कोहली, स्वामी अवधेशानंद गिरि और मुख्यमंत्री के साथ मंच साझा करेंगे। इसके पहले सोनी हिन्दी सम्मेलन में आए थे, लेकिन मंच पर नहीं पहुंचे थे।


परम्परा, संस्कृति का सजीव चित्रण

''लोकमंथनÓÓ के आयोजन स्थल विधानसभा परिसर में लगाई गई प्रदर्शनी कई अर्थों में अनोखी है। प्रदर्शनी स्थल को आठ भागों में विभाजित किया गया है। मध्य में ब्रम्ह स्थान है, पानी के बीच में कमल खिले हैं। प्रदर्शनी में चित्रों के साथ जनजातीय परम्परा, कला और संस्कृति को दर्शाया गया है। दूसरे हिस्से में शब्द पर केन्द्रित चित्र हैं। शब्दों का महत्व दर्शाया गया है। तीसरा हिस्सा स्थापना का है, जिमसें धर्म, विज्ञान, संस्कृति और अन्य विषयों को समझाया गया है। चौथा भाग उत्सव पर केन्द्रित है। जीवन में उत्सव की परम्परा को भी यहां प्रदर्शित किया गया है। पांचवें भाग में शौर्य को जीवन रक्षा के लिए अहम बताया गया है। छठा हिस्सा विसर्जन का है। लोक परम्परा शिल्प में नर्मदा नदी की उत्पत्ति से संबंधित है।


ये प्रमुख विचारक हो रहे हैं शामिल

स्वामी अवधेशानंद गिरि, स्वामी मित्रानंद, राजीव मल्होत्रा, राकेश सिंहा, रमेश चंद शाह, प्रो. जगजीत सिंह, डॉ. गौतम सेन, प्रो. कपिल देव मिश्रा, राम माधव, विनय सहस्त्रबुद्धे, प्रो. अशोक मोदक, मौलाना सैयद अतहर हुसैन देहलवी, आचार्य डेविड फ्रॉले, स्वामी शाश्वतानंद, मुरली मनोहर जोशी, स्मृति ईरानी, तुफैल अहमद, तारेक फतेह, दुर्गा नागपाल, जाकिया सोमन, तीजन बाई, सोनल मानसिंह, देवेन्द्र दीपक, प्रो. रिचर्ड हे, मालिनी अवस्थी, मधुर भंडारकर, रूपा गांगुली, अद्वैता काला, प्रहलाद टिपनिया, शाहिद सिद्धीकी, सुदीप्तो सेन, अनुपम खेर।