मोबाइल और रेडियो नहीं था तो लाउड स्पीकर से क्लास

- संक्रमण से बचाव के लिए शिक्षकों का प्रयोग
- बच्चों के साथ अभिभावकों को भी मिली सीख

By: शकील खान

Published: 07 Sep 2021, 01:06 AM IST

भोपाल। कोरोनाकाल में पढ़ाने कई प्रयोग निकल कर सामने आए। शाजापुर जिले के नांदनी विकास खंड में क्लास की आवाज पूरे गांव में गूंजी। बच्चे घर से नहीं पढ़ पाए तो शिक्षक ने साइकिल पर लाउडस्पीकर बांधा और निकल पड़े गांव में बच्चों को पढ़ाने। इसी आवाज पूरे गांव में गूंजी। शिक्षक लाउड स्पीकर के जरिए कभी खुद पढ़ाई कराते तो कभी स्कूल शिक्षा के रेडियो पर प्रसारित कार्यक्रमों को इसके माध्यम से पूरे गांव को सुनाते रहे।

दरअसल कोरोनाकाल में स्कूल और कक्षाएं बंद थी। संक्रमण के डर से सभी को घरों में रहने की हिदायत दी गई थी। स्कूल शिक्षा विभाग ने मोबाइल और रेडियो के जरिए पढ़ाने की कोशिश की थी लेकिन संसाधनों के अभाव में कई जगह यह प्रयोग फेल रहा। इसी बीच लाउड स्पीकर के जरिए शिक्षा पहुंचाने का यह प्रयोग सामने आया। शाजापुर जिले की मिडिल स्कूल नांदनी के प्रधानाध्यापक कमल किशोर शर्मा ने बीते कई माह से इस तरह पढ़ाई कराई।
कोरोनाकाल में शिक्षकों के जरिए बच्चों को पढ़ाने के कई तरह के अनोखों प्रयोग सामने आए। शिक्षक संदर्भ समूह के प्रमुख और शिक्षाविद् दामोदर जैन ने बताया कि पूरे प्रदेश में ऐसे कई शिक्षक हमसे जुड़े जिन्होंने अनोखे तरीके से बच्चों को पढ़ाया। इनमें कई प्रयोग प्रदेश स्तर पर सराहे गए। खासबात ये रही कि ज्यादातर छोटे इलाकों और गांवों से निकल कर सामने आए। इन्हें हम इक_ा कर रहे हैं।

कभी गांव के बीच तो कभी चौराहे पर क्लास

कभी ये गांव के बीच जाकर खड़े हो जाते ताकि सभी घरों में आवाज पहुुचे तो कभी गलियों में भी पहुंचे। संसाधनों की कमी के बाद भी इस प्रयोग के चलते कई बच्चों की शिक्षा पूरे कोरोनाकाल तक चली। प्रयोग को प्रदेश स्तर पर सराहा भी गया।

लाउड स्पीकर पर क्लास का फीडबैक भी
इस तरह से शिक्षा देने के साथ इन्होंने फीडबैक भी लिया। कमल किशोर बताते हैं कि हर रोज कुछ अभिभावकों को फोन कर इस संबंध में पूछा करते थे। कोई हिस्सा छूटे न यह भी इस दौरान खास ख्याल रखा।

शकील खान
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned