1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

1 बार में पूरी Web Series देखते हैं तो हो सकता ‘साइकोसोमेटिक डिसऑर्डर’, ये 4 बातें ध्यान रखें

Web Series : शरीर के एक हिस्से में दर्द और झुनझुनाहट से होती है बीमारी की शुरुआत

2 min read
Google source verification
Web Series

Web Series: वेब सीरीज देखना शुरू किया तो वन सिटिंग में ही सारे एपीसोड देखने के बाद ही चैन मिलता है। ऐसी आदत आपमें भी है तो यह डिजिटल ड्रग की लत है। इसे बिंच वॉचिंग भी कहते हैं। यह मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से रोगी बनाती है। जो आगे चलकर साइकोसोमेटिक डिसऑर्डर का रूप ले सकती है। हमीदिया अस्पताल में साल 2020 में एक या दो केस ही वेब सीरीज एडिक्शन के आए थे। 2024 के अप्रेल माह के हर सप्ताह में इस तरह के तीन से पांच केस दर्ज किए जा रहे हैं। इसमें 14 साल के बच्चों से लेकर बड़े लोग शामिल हैं।

सामने आए ये मामले

केस-1

16 साल का लडक़ा पढ़ाई के नाम पर कमरे में खुद को बंद कर लेता था। घंटों वेब सीरीज देखता रहता था। बाहर आने पर परिवार से झगडऩा और अकेले कमरे में रहने की जिद करता था। आंखें कमजोर होने पर जीएमसी के नेत्र विभाग पहुंचा। चिकित्सकों ने उसे चश्मे का नंबर देने के साथ मनोचिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी।

केस-2

45 साल की घरेलू महिला सिर में तेज दर्द और घर में कम बात करने जैसे लक्षणों के चलते मनोचिकित्सक के पास पहुंची। पति ने महिला के बदले व्यवहार को देख डॉक्टर से चर्चा की। काउंसलिंग में पता चला महिला दिनभर घर अकेले रहने पर घंटों फोन में ड्रामा सीरियल देखती थी। जिससे उसमें ये समस्याएं शुरू हुईं।

इन बातों का रखें ध्यान

-वेब सीरीज देखने का समय तय करें।
-वेब सीरीज की जगह खुद का ध्यान दूसरी जगह डायवर्ट करें।
-घर वालों से बात करें, पेंडिग काम पूरा करें, बुक व न्यूज पेपर पढ़े।
-साफ शब्दों में कहें तो फोन से दूरी जरूरी है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

डॉ. रुचि सोनी, एसोसिएट प्रोफेसर, मानसिक रोग विभाग, जीएमसी & ज्यादा समय तक वेब सीरीज देखने से मोटापा बढऩा, नींद की समस्या, साइकोमेटिक डिसऑर्डर, अवसाद, व्यवहार में बदलाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। एक बार में दो घंटे से ज्यादा वेब सीरीज नहीं देखनी चाहिए। बच्चों से लेकर बड़े इसके लती हो रहे हैं। हर सप्ताह ओपीडी में 4-5 ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं।

कब जाना है मनोचिकित्सक के पास

वेब सीरीज की लत से बाहर आने में समस्या हो रही है। सब काम छोड़ कर सिर्फ मोबाइल या अन्य डिस्पले डिवाइस में ही लगे रहते हैं।