
Weather Today In Madhya Pradesh
मध्यप्रदेश में डेढ़ माह के ब्रेक के बाद एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो गया। शुक्रवार सुबह से कई जिलों में बारिश हो रही है। सबसे ज्यादा बारिश बैतूल में रिकार्ड की गई। टीकमगढ़ में बान सुजारा डैम के दो गेट खोलने पड़े, वहीं देवास में नदी-नाले उफान पर आ गए और जिला अस्पताल की ओपीडी में पानी घुस गया। खबर लिखे जाने तक शुक्रवार को भी बारिश का दौर जारी है।
पूरे अगस्त माह गायब रहने वाला मानसून फिर एक्टिव हो गया। कई जिलों में मूसलाधार बारिश का शुरू हो गया। कुछ शहरों में नदी-नाले उफान पर हैं, जबकि कई जिलों में अब भी पर्याप्त पानी नहीं गर पाया है।
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जुलाई से लेकर पूरा अगस्त बगैर बारिश के गुजर गया। इस कारण मध्यप्रदेश में सूखी की स्थिति निर्मित होने लगी थी। बरगी बांध, इंदिरा सागर बांध, तवा डैम जैसे बड़े बांध का पानी ही कुछ समय पहले छोड़ा गया था, लेकिन प्रदेश के बाकी डैम अब भी खाली ही हैं। ताजा बारिश ने एक बार फिर प्रदेश के जल स्रोतों के लिए उम्मीद जगा दी है। कई जिलों में मूसलाधार बारिश होने लगी है।
देवासः इन्हें जान की परवाह नहीं
देवास जिले के मेंढकी गांव में पुलिया पर दोपहिया वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर पुलिया को पार कर रहे थे। खबर मिलने के बाद पुलिस ने लोगों को रोकना शुरू कर दिया। गुरुवार को सुबह से ही रही लगातार बारिश के बाद मेढ़की गांव को शहर से जोड़ने वाली पुलिया के ऊपर से पानी बह रहा है, इस कारण शहर से सड़क संपर्क टूट गया है।
अस्पताल में घुसा पानी
लगातार बारिश से देवास में जनजीवन प्रभावित हुआ है। यहां के जिला अस्पताल की ओपीडी में पानी घुस गया। इस कारण मरीज और उनके परिजन परेशान होते रहे। प्रशासन का अमला अस्पताल में से पानी निकालने का प्रयास करता रहा।
ग्वालियर में तेज बारिश
इधर, शुक्रवार को ग्वालियर में तेज बारिश का सिलसिला तेज हो गया है। गर्मी और उमस से बेहाल लोगों को बड़ी राहत मिली है। वहीं तेज बारिश से तिघरा डैम में लगातार पानी बढ़ने लगा है जो राहत की बात है। खबर लिखे जाने तक ग्वालियर और आसपास के क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी।
इंदौर में डेढ़ इंच बारिश
इंदौर से खबर है कि पिछले 24 घंटे में इंदौर में डेढ़ इंच बारिश दर्ज की गई है। यह राहत की बात है। अब बारिश होने से किसानों के चेहरे भी खिल गए हैं। खेतों में सूख रही सोयाबीन के साथ ही अन्य फसलों को अच्छा पानी मिल रहा है।यह पानी रबी की फसल में काफी लाभदायक होगा।
कहां सबसे ज्यादा बारिश हुई
बैतूल जिले में 2.7 इंच बारिश हुई, खंडवा, जबलपुर में एक-एक बारिश दर्ज की गई। खरगोन, खजुराहो, धार में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। भोपाल, इंदौर, पचमढ़ी, सतना, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, उज्जैन, मंडला और सिवनी जिले में तेज बारिश हुई। टीकमगढ़ में भी दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के बाद सुजारा बांध के दो गेट खोलने पड़े हैं। धसान नदी पर बने इस बांध के गेट आधा मीटर तक खुले हुए हैं।
भोपाल में बारिश, अब भी खाली हैं जल स्रोत
इधर, भोपाल जिले में पिछले 24 घंटों में 2 मिमी बारिश हुई। सामान्य से 71 फीसदी कम रही। भोपाल शहर में 6.3 मिमी बारिश दर्ज हुई। पर्याप्त बारिश नहीं होने से भोपाल के जल स्रोत अब भी खाली हैं। कोलार डैम को छोड़कर बड़ा तालाब, कलियासोत और कैरवा डैम जलस्रोत नहीं भर पाए हैं। इन्हीं जल स्रोतों से भोपाल शहर की 70 फीसदी आबादी को पीने का पानी मिलता है।
बड़ा तालाबः सीहोर जिले में भी कम बारिश होने से कोलांस नदी में पानी नहीं आया, इस कारण भोपाल का बड़ा तालाब ढाई फीट खाली है। बड़ा तालाब जल भराव क्षमता 1666.80 फीट। अभी इसमें 1664.15 फीट पानी है।
कोलार डैमः इसका वाटर लेवल 1516.40 फीट है। इसमें 1502.46 फीट पानी है। जुलाई में दो गेट खोले गए थे, लेकिन अगस्त में बारिश नहीं हुई। इसमें 14 फीट पानी की जरूरत है। कोलार डैम का पानी भोपाल को पीने को मिलता है।
कलियासोत डैम: इसका वाटर लेवल 1650.26 फीट है। इसे कैचमेंट में बारिश नहीं होने और भदभदा डैम का पानी इसमें नहीं आने के कारण यह भी काफी खाली है। यह डैम अब भी 9 फीट खाली है।
Updated on:
08 Sept 2023 02:09 pm
Published on:
08 Sept 2023 01:59 pm
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