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शिवराज कैबिनेट ने लिए बड़े फैसले, इन योजनाओं को मिली मंजूरी

- सीएम राइज शाला भवन निर्माण के लिए 1126 करोड़ रूपए स्वीकृत - मंत्रि-परिषद के महत्वपूर्ण निर्णय - मध्यप्रदेश कार्य गुणवत्ता परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अब कहलाएंगे महानिदेशक

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भोपाल। मध्य प्रदेश के सीएम शिवराजसिंह चौहान की अध्यक्षता में शुक्रवार को विधानसभा स्थित कैलाश समिति कक्ष में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान प्रदेश की जनता की जरूरतों को देखते हुए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस अवसर पर जहां सीएम राइज योजना को लेकर बड़ा निर्णय हुआ तो वहीं प्रदेश की सिंचाई योजनाओं सहित किसान-कल्याण और कृषि विकास विभाग एवं कृषि विश्वविद्यालयों के लिए भी विशेष स्वीकृतियां प्रदान की गईं।

इसके साथ ही मंत्रिपरिषद द्वारा नवगठित मध्यप्रदेश कार्य गुणवत्ता परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पदनाम संशोधित कर महानिदेशक करने और अर्हता में संशोधन का निर्णय लिया गया।

मंत्रिपरिषद ने इस दौरान जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत सीएम राइज योजना में 35 उच्चतर माध्यमिक शाला भवनों के निर्माण कार्यों के लिए 22 दिसम्बर 2022 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई परियोजना परीक्षण समिति की अनुशंसा का अनुमोदन किया। इन शाला भवनों के निर्माण के लिए मंत्रिपरिषद की ओर से 1125 करोड़ 75 लाख 28 हजार रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।

इन्हें भी प्रदान की गई अनुमति
इसके अलावा कैलाश समिति कक्ष में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में सिवनी जिले की बिजना हर्रई माइक्रो सिंचाई परियोजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना की लागत 29 करोड़ 37 लाख रूपए, सिंचाई क्षेत्र 2600 हेक्टेयर की भी प्रशासकीय अनुमति प्रदान की गई। इस सिंचाई परियोजना से छपारा विकासखण्ड के 8 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ प्राप्त मिलेगा।

इसके अतिरिक्त मंत्रिपरिषद ने अशोकनगर जिले की चंदेरी सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए लागत 558 करोड़ 5 लाख रूपए, सिंचाई क्षेत्र 28 हजार हेक्टेयर की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना से अशोकनगर जिले के चंदेरी, मुंगावली एवं पिपरई तहसील में सिंचाई सुविधा का लाभ प्राप्त होगा।

75 करोड़ रूपए अधो-संरचना विकास के लिये
मंत्रिपरिषद ने किसान-कल्याण और कृषि विकास विभाग एवं कृषि विश्वविद्यालयों के लिए आवश्यकतानुसार विस्तृत कार्य-योजना डीपीआर के आधार पर अधो-संरचना विकास कार्यों के लिए 75 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्रदान की है।

इसके साथ ही मंत्रिपरिषद ने राजस्व विभाग की वार्ड नम्बर-36 ग्राम निपानिया तहसील जूनी इंदौर जिला इंदौर स्थित पार्सल क्रमांक-1 और 2 भूमि परिसम्पत्ति, जिला उज्जैन महिदपुर बस डिपो स्थित पार्सल क्रमांक-1 व 2, वार्ड क्रमांक-9 पुराना जेल कम्पाउण्ड जिला खरगोन स्थित भूमि परिसम्पत्ति खसरा क्रमांक 246/1, 246/2 कुल क्षेत्रफल 1260 वर्ग मीटर, परिवहन विभाग की जबलपुर स्थित संभागीय कार्यालय भूमि एवं भवन परिसम्पत्ति शीट क्रमांक-10 प्लाट क्रमांक 13/1 के कुल क्षेत्रफल 6713.01 वर्ग मीटर तथा भवन क्रमांक-524/1, 524/2, 524/3, 524/4 सिविल लाइन्स ग्वालियर रोड निकट बुंदेलखण्ड चौराहा, झांसी बस डिपो झांसी उत्तर प्रदेश कुल रकबा 1373.80 वर्ग मीटर सम्पत्ति के निर्वर्तन का निर्णय लिया।