
प्रदेश के सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रेबीज इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस जुलाई से यह इंजेक्शन सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी उपलब्ध करवाया जाएगा। क्योंकि प्रदेश में श्वानों के काटे जाने की घटनाएं बढ़ रही हैं।
इनमें सबसे अधिक शिकार गाँवों के लोग हो रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रेबीज इंजेक्शन की कमी के कारण लोगों को अक्सर परेशानी होती है। सरकारी अस्पतालों में अब पाँच की बजाय चार इंजेक्शन दिए जा रहे हैं, जो पहले दिन, तीसरे दिन, 14वें दिन और 28वें दिन में लगते हैं।
श्वानों के काटने के मामले बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई के लिए योजना बनाई है। इस योजना के तहत प्रत्येक जिले में एंटी रेबीज के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो ग्रामीण स्तर से लेकर जिला चिकित्सालय तक इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। नोडल अधिकारी इसके साथ ही अमले को इंजेक्शन के लिए प्रशिक्षण देगा और जन जागरूकता अभियान भी चलाएगा। हालांकि, बड़े शहरों में भी इंजेक्शन की कमी है, जैसे कि भोपाल, इंदौर।
शहर - सीएमएचओ स्टोर - सीएस स्टोर
भोपाल - 80 - 20
इंदौर - 160 - 10
जबलपुर - 772 - 170
ग्वालियर - 1267 - 1700
Updated on:
27 Feb 2024 05:29 pm
Published on:
27 Feb 2024 01:02 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
