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शराब से कमाई के नए रास्ते की तलाश

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने शराब की दुकानों को लेकर शुक्रवार को समीक्षा की। फिर मुख्य सचिव बीपी सिंह ने विभाग से कार्ययोजना पर मंथन किया।

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rb singh

Jan 14, 2017


भोपाल
. नर्मदा किनारे और स्टेट हाईवे से शराब की दुकानें हटाने पर होने वाले नुकसान को लेकर सरकार चिंतित है। सरकार का मानना है कि दुकानें हटाने से राजस्व में करीब 43 फीसदी की कमी आएगी। इसकी भरपाई के रास्ते खोजे जा रहे हैं। उलझन है कि दुकानों को शिफ्ट करके कहां ले जाएं? सीएम शिवराज सिंह चौहान ने शराब की दुकानों को लेकर शुक्रवार को समीक्षा की। फिर मुख्य सचिव बीपी सिंह ने विभाग से कार्ययोजना पर मंथन किया। सीएम के सामने वाणिज्य कर विभाग ने प्रेजेंटेशन दिया कि कितना नुकसान होगा? नर्मदा किनारे से दुकानें हटाने पर मंथन हुआ। इस दायरे में करीब 1400 से ज्यादा दुकानें आ रही हैं। इन दुकानों से 3000 करोड़ तक का राजस्व मिलता है, जो प्रभावित होगा। इसलिए यह रास्ते खोजे जा रहे हैं कि इन दुकानों को कहां शिफ्ट किया जाए।



बैठक में इन बिंदुओं पर भी मंथन

नए वित्तीय वर्ष के लिए आबकारी नीति में बदलाव नहीं आएगा। सीएम की मंशा नए में कोई नई दुकान नहीं खोलने की है। राज्य में कुछ स्टेट हाईवे एेसे हैं, जिनका नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। यह नए हाईवे हैं, जिनका दायरा बढ़ाने की मंजूरी हो गई है। मसलन, स्टेट हाईवे नंबर 54 को लेकर भी यही स्थिति है। संबंधित जिलों के कलेक्टर्स ने पीएस के कार्यालयों में फोन करके मार्गदर्शन मांगा है।


सीएम ने नर्मदा किनारे से शराब दुकानें हटाने की घोषणा की थी। इस पर अब काम शुरू हुआ है।

यह हुआ
: कितनी दूरी तक दुकानें शिफ्ट करें इस पर मंथन, निर्णय नहीं।

सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल हाईवे के समान स्टेट हाईवे पर भी 500 मीटर तक शराब दुकान हटाने के आदेश दिए हैं।

यह हुआ
: बायपास या खेतों में पीछे खिसकाने के विकल्प पर चर्चा। 1400 दुकानें प्रभावित। एक्शन प्लान बनेगा।

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