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मुख्यमंत्री कमलनाथ के OSD प्रवीण कक्कड़ के घर आयकर व‍िभाग का छापा, 50 ठिकानों में 300 अधिकारी कर रहें हैं कार्रवाई

मुख्यमंत्री कमलनाथ के OSD के घर आयकर व‍िभाग का छापा, सीएम के विश्वासपात्र हैं प्रवीण कक्कड़

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भोपाल

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Pawan Tiwari

Apr 07, 2019

kamal

मुख्यमंत्री कमलनाथ के OSD के घर आयकर व‍िभाग का छापा, सीएम के विश्वासपात्र हैं प्रवीण कक्कड़


भोपाल. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के निजी सचिव और पूर्व पुलिस अधिकारी प्रवीण कक्कड़ के घर आयकर विभाग ने छापा मारा है। आयकर विभाग की कार्रवाई रविवार सुबह तीन बजे से जारी है। ये कार्रवाई प्रवीण कक्कड़ के इंदौर स्थिति विजय नगर में की जा रही है। बताया जा रहा है कि आयकर विभाग के 15 से ज्यादा अधिकारियों मौके पर मौजूद हैं और कार्रवाई कर रहे हैं। आयकर विभाग ने प्रवीण कक्कड़ के घर एक साथ अलग-अलग ठिकानों पर छापा मारा है। जानकारी के मुताबिक आयकर विभाग ने भोपाल, इंदौर, दिल्ली समेत 50 ठिकानों पर कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में 300 से अधिक अफसर मौजूद हैं।

प्रवीण के खिलाफ चल रही हैं कई जांच
जानकारी के अनुसार सर्विस के दौरान प्रवीण कक्कड़ के खिलाफ कई जांच चल रही थी। इसी कारण से रविवार सुबह इंदौर के विजय नगर स्थित उनके घर में आयकर विभाग की अलग-अलग टीम ने छापेमार कार्रवाई की है। इस मामले में अभी तक ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल छापेमार कार्रवाई जारी है।

सीएम के ओएसडी बने थे कक्कड़
कमलनाथ के सीएम बनते ही भूपेंद्र गुप्ता ओएसडी बने थे ज‍िन्हें हटाकर हाल ही में प्रवीण कक्कड़ को ओएसडी बनाया गया है। कक्कड़ मध्यप्रदेश पुलिस में अधिकारी थे। कक्कड़ ने वीआरएस ले ल‍िया था। उन्हें झाबुआ के सांसद और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया का करीबी माना जाता है। कक्कड़ को सराहनीय सेवाओं हेतु राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया था। कक्कड़ 2004 से वर्ष 2011 तक भारत सरकार में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी के रूप में भी कार्य किया है।

मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी बने प्रवीण कक्कड़ अपनी कार्यशैली से सीएम कमलनाथ के विश्वास पात्र भी हैं। सीएम कमलनाथ ने उन्हें स्वेच्छा अनुदान राशि आवेदनों का निराकरण सौंप रखा है। मुख्यमंत्री कार्यालय को मंत्रियों, कांग्रेस कार्यालयों, दोनों दलों के सांसदों, विधायकों द्वारा सिफारिश किए व अन्य स्तर पर उपचार खर्च राशि स्वीकृति वाले जो आवेदन प्राप्त होते हैं, वो सारे आवेदन जांच पश्चात मंजूरी के लिए कक्कड़ को भेजे जाते हैं।