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Income Tax Return: इन 7 डॉक्यूमेंट्स की मदद से भर दें आयकर रिटर्न, वरना देना होगा भारी जुर्माना

Income Tax Return: एक्सपर्ट के मुताबिक अपने आयकर की गणना नई एवं पुरानी दोनों स्कीमों के तहत की जा सकती है। जिस स्कीम में कम कर दायित्व आता हो, उसके तहत अपनी विवरणी दाखिल की जा सकती है।

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Income Tax Return

Income Tax Return

Income Tax Return: आयकर रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है। समय से पहले आयकर विवरणी दाखिल करने के लिए इन दिनों कर सलाहकार, सीए, एडवोकेट व्यस्त है। आयकरदाता आयकर विभाग के ई-पोर्टल पर ऑनलाइन भी आइटीआर फाइल कर सकते हैं। भोपाल के सीए राजेश कुमार जैन बताते है कि 31 जुलाई तक आयकर विवरणी फाइल की जा सकती है। अभी जुलाई माह शुरू हुआ है। लेकिन आखिरी तारीखों में रिटर्न फाइल करने पर पोर्टल पर दबाव आ जाता है और कई लोग रिटर्न फाइल करने से चूक जाते हैं। बाद में ऐसे लोगों पर पेनाल्टी का भार आ जाता है।

नौकरीपेशा या स्व रोजगार वाले व्यक्ति, हिन्दू अविभाजित परिवार, कंपनी या फर्म संचालक भी ऑनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं। अभी इनकम टैक्स भरने का फायदा यह होगा कि यदि आपका टीडीएस ज्यादा कटा है तो जल्द आयकर रिफंड मिल जाएगा।

नई या पुरानी स्कीम, किसमें फायदा

एक्सपर्ट के मुताबिक अपने आयकर की गणना नई एवं पुरानी दोनों स्कीमों के तहत की जा सकती है। जिस स्कीम में कम कर दायित्व आता हो, उसके तहत अपनी विवरणी दाखिल की जा सकती है। ऐसे करदाता जिनकी व्यापार से आय है, वह पुरानी स्कीम में एक बार अंदर जा सकते हैं एवं अंदर जाकर बाहर जा सकते हैं। एक्सपर्ट से सलाह लेकर अपनी स्कीम का चयन किया जा सकता है।

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समय से आइटीआर फाइल न करने का नुकसान

यदि निर्धारित समय 31 जुलाई तक आयकरदाता ने अपना रिटर्न फाइल नहीं किया तो 5 लाख की आय (इनकम) पर 1000 रुपए एवं 5 लाख रुपए से ऊपर की आय पर 5000 रुपए लेट फीस लगेगी। इसके अलावा रिटर्न समय पर नहीं भरने पर यदि आय में नुकसान हुआ है तो अगले साल के मुनाफे में यह नुकसान समायोजित नहीं होगा।

समय से आइटीआर फाइल करने का फायदा

31 जुलाई के पूर्व आयकर विवरणी दाखिल करने पर विवरणी में कोई गलती रह जाती है तो उसको सुधारने का मौका आयकरदाता को मिलता है। साथ ही लेट फीस या पेनाल्टी नहीं भरना पड़ती। साथ ही टैक्स ड्यू के मामले में अतिरिक्त ब्याज भी नहीं देना पड़ता।