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भोपाल. लड़कियां यदि अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहती हैं तो इंक्यूबेशन सेंटर से उनको मदद मिल सकेगी। जल्द ही राजधानी के चार कॉलेजों में सेंटर तैयार किए जाएंगे। इसमें तीन गल्र्स कॉलेज शामिल हैं। इंक्यूबेशन सेंटर खुलने से इन कॉलेजों में पढऩे वाली करीब 17 हजार छात्राओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा। सबसे अधिक संख्या सरोजनी नायडू कन्या महाविद्यालय (नूतन कॉलेज) में 7 हजार के करीब है, वहीं दो अन्य कॉलेजों में छात्राओं की संख्या 5-5 लाख के आसपास है।
इंक्यूबेशन सेंटर के लिए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) ने हर कॉलेज के लिए 5-5 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की है। वैसे ह्में नूतन कॉलेज में पहले से ही इनक्यूबेशन सेंटर हैं, रूसा द्वारा दी गई राशि से इसे और डेवलप किया जाएगा। इंक्यूबेशन सेंटर से जो छात्राएं फैशन डिजाइनिंग के अलावा सिलाई- कढ़ाई सहित इससे जुड़े क्षेत्रों में स्टार्टअप शुरू करना चाहती हैं, उन्हें यहां से मदद मिल सकेगी।
कराई जाएगी बैंक अधिकारियों की विजिट
स्टार्टअप की छात्राओं के लिए यहां बैंक अधिकारियों की विजिट भी कराई जाएगी और उन्हें बताया जाएगा कि किन योजनाओं के तहत वे लोन ले सकती हैं। किस तरीके के लोन में कम ब्याज दर है। कॉलेज की ऐसी पूर्व छात्राएं जिन्होंने अपने स्टार्टअप शुरू किए हैं, वे छात्राओं को इनकी बारीकियों के बारे में भी बताएंगी।
इन कॉलेजों का नाम स्वीकृत
-महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय कन्या महाविद्यालय।
-शासकीय सरोजनी नायडू कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय।
-शासकीय गीतांजलि कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय।
उच्च शिक्षा उत्कृष्ट संस्थान।
इंक्यूबेशन सेंटर के लिए विभिन्न गारमेंट कंपनियों से भी टाइअप किया जाएगा। कॉलेज में इंक्यूबेशन सेंटर पहले से ही है। रूसा से मिले फंड से इसे और डेवलप किया जाएगा। अन्य स्टार्ट अप के साथ ही यहां फैशन डिजाइनर सिलाई- कढ़ाई और उससे जुड़े विभिन्न बिंदुओं को भी शामिल किया जा रहा है।
डॉ. शोभा श्रीवास्तव, नूतन कॉलेज भोपाल
Published on:
07 Mar 2023 12:44 am
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