
भोपाल. कहते हैं चुनाव भी एक नशा की तरह होता है। जो एक बार सियासत की दुनिया में आ गया वो चुनाव जीतने औऱ टिकट पाने के लिए कई तरह के हथकंड़े अपनाता है। इस बार के लोकसभा चुनाव में कई निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं। चुनाव के जूनुन में एक पूर्व विधायक ने अपनी किडनी बेचकर चुनाव लड़ने की अनुमति मांगी है। दरअसल, बालाघाट लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे एक उम्मीदवार ने चुनाव आयोग को लेटर लिख कर अपनी किडनी बेचने की बात की है।
चुनाव आयोग से मांगे पैसे
बालाघाट लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे निर्दलीय प्रत्याशी किशोर समरीते ने चुनाव लड़ने के लिए निर्वाचन आयोग से रुपयों की मांग की है। उन्होंने अपने लेटर में लिखा है, मेरे पास चुनाव लड़ने के लिए 75 लाख रुपए नहीं हैं। 75 लाख रुपए या तो मुझे चुनाव आयोग उपलब्ध कराए या फिर मुझे दो में से एक किडनी बेचने की अनुमति दे। कलेक्टर कार्यालय में भारत निर्वाचन आयोग के नाम दिए गए पत्र में समरीते ने कहा है कि लोकसभा चुनाव की व्यय सीमा 75 लाख रुपए है, लेकिन इतना महंगा चुनाव लड़ने के लिए उनके पास रुपए नहीं हैं। उनके विरुद्ध लड़ने वाले उम्मीदवार करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं। इसके चलते चुनाव आयोग से वित्तीय सहायता मांगी है।
क्या लिखा है लेटर में
किसोर समरीते ने लिखा, मैं बालाघाट लोकसभा क्षेत्र क्रमांक 15 से निर्दलीय उम्मीदवार हूं। मेरा चुनाव चिह्न कप प्लेट है। चुनाव आयोग की लोकसभा चुनाव में अधिकतम व्यय सीमा 75 लाख रुपए है। मेरे पास इतने पैसे नहीं है मैं शपथ पत्र में भी इसका खुलासा कर चुका हूं। मेरे खिलाफ चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवार करोड़पति हैं और उनके समर्थक करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं। चुनाव प्रचार के लिए अब 15 दिन शेष बचे हैं इतनी राशि जनसहयोग से नहीं जुटाई जा सकती है। इसलिए चुनाव आयोग से अनुरोध है कि वे मुझे 75 लाख रुपए की वित्तीय सहायता करें या फिर मुझे बैंकों से लोन दिलवाएं या फिर मुझे अपनी दो में से एक किडनी बेचने की अनुमति दें।
राहुल के निर्देश पर सीबीआई ने ली थी तलाशी
किशोर समरीते ने अपने लेटर में लिखा है कि सीबीआई ने मेरे घर में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राहुल गांधी के निर्देश पर तलाशी ली थी। जिसमें सीबाआई को मात्र 2500 रुपए मिले थे।
कौन हैं किशोर समरीते
किशोर समरीते बालाघाट जिले की लांजी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधायक रह चुके हैं। उन्होंने जेल में रहते हुए चुनाव जीता था। इनके खिलाफ हत्या का मामला था बाद में कोर्ट ने जिन्हें बरी कर दिया था।
Published on:
15 Apr 2019 03:21 pm
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