बचपन से लहरों को चीरकर हौसला दिखाने वाली नमिता चंदेल को स्वर्णिम सफलता तब मिली जब उसने 2012 में मणिपुर में आयोजित नेशनल टूर्नामेंट में सोना जीता। इसके बाद नमिता ने सोच लिया था कि अब मुझे गोल्ड से नीचे नहीं आना। परिणाम स्वरूप नमिता ने 2013 से 2015 तक लगातार चार नेशनल टूर्नामेंट में लगातार चार स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। इस दौरान दो रजत पदक भी शामिल हैं। नमिता को विदेशों में अपने खेल का प्रदर्शन दिखाने का मौका 2013 में इंडोनेशिया में आयोजित एशियन चैम्पियनशिप में मिला, लेकिन नमिता में पदक नहीं जीत सकी। नमिता को पहला अंतरराष्ट्रीय पदक 2015 में मिला, जब उन्होंने इंडोनेशिया में आयोजित कैनो इवेंट में रजत पदक जीत। इस जीत के बाद नमिता का आत्मविश्वास और बढ़ता गया। नमिता अपने छह साल के कॅरियर में नेशनल टूर्नामेंटों में 10 गोल्ड, तीन रजत और दो कांस्य पदक जीत चुकीं हैैं।