11 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सीपीए-पीडब्ल्यूडी की सड़कें सबसे ज्यादा खराब, निर्देश भी हैं बेअसर

आठ लाख से ज्यादा लोग परेशान, खुदाई भी जारी, रेस्टोरेशन नहीं

less than 1 minute read
Google source verification
सीपीए-पीडब्ल्यूडी की सड़कें सबसे ज्यादा खराब, निर्देश भी हैं बेअसर

सीपीए-पीडब्ल्यूडी की सड़कें सबसे ज्यादा खराब, निर्देश भी हैं बेअसर

भोपाल. शहरवासी इन दिनों सीपीए और पीडब्ल्यूडी की करीब 350 किमी लंबी सड़कों पर गड्ढों से परेशान हैं। पुराने शहर के साथ ही नए शहर के गुलमोहर, शाहपुरा, कोलार, बावडिया, नेहरू नगर, भदभदा और यहां से नीलबड़-रातीबड़ तक सड़कें टूटी हुई हैं। स्थिति ये हैं कि संभागायुक्त कविंद्र कियावत तक सड़कों को दुरुस्त करने के लिए कड़े निर्देश जारी कर चुके हैं, निरीक्षण तक कर इंजीनियरों को सड़कें दुरुस्त करने का कहा गया, लेकिन सुधार नहीं किया गया। ये स्थिति तब है जब दोनों ही एजेंसियों का प्रमुख काम सड़क निर्माण और सुधार ही है। बारिश के बाद तुरंत खराब सड़कों को दुरुस्त करने की जरूरत पड़ती है, लेकिन बारिश का दौर खत्म हुए भी पूरे चार माह का समय बीत गया है।
इसलिए जनता दिक्कत में
पीडब्ल्यूडी और सीपीए ने शहर में अलग-अलग डिविजन बनाए हैं। इन्हें अपने क्षेत्र की सड़कों को दुरुस्त रखने का जिम्मा है। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर कैपिटल जोन व भोपाल सर्कल के एसई, कार्यपालन यंत्रियों ने शहर की सड़कों को लेकर तीन माह में एक भी बैठक नहीं की। स्थिति उच्चाधिकारियों को स्पष्ट नहीं की। हाल में ट्रांसफर हुए चीफ इंजीनियर वीके आरक के साथ संभागायुक्त, कलेक्टर व निगमायुक्त तक सड़कों का निरीक्षण कर चुके थे, लेकिन सड़कों पर जमीनी काम नहीं कराया। अब संजय खांडे के पास कैपिटल जोन पीडब्ल्यूडी प्रभारी चीफ इंजीनियर का काम है।
और ननि लगातार खोद रहा सड़कें
नगर निगम पाइप लाइन के लिए सड़कों पर खुदाई करा रहा है, लेकिन रेस्टोरेशन पर गंभीर नहीं है। निगमायुक्त केवीएस चौधरी ने ठेकेदारों को नोटिस जारी किए। जुर्माना भी लगाया, पर सुधार नहीं हुआ।

शहर की सड़कों को दुरुस्त करने संबंधित एजेंसियों के साथ बैठक ली थी। सड़कों को दुरुस्त कराना प्राथमिकता है। इसे लेकर जल्द समीक्षा बैठक होगी।
कविंद्र कियावत, संभागायुक्त