
Old Kovid Center where Integrated Pathology Lab is proposed to be built
बैतूल. कोविड 19 के बाद से सरकारी अस्पतालों में संसाधन और सुविधाएं लगातार बढ़ाई जा रही है। ऑक्सीजन प्लांट से लेकर बैलून अस्पताल तक बनाए जा चुके हैं और अब प्रदेश के 17 जिलों में केंद्र सरकार की योजना के तहत एकीकृत पैथालॉजी लैब का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए बैतूल जिला अस्पताल का भी चयन किया गया है। जहां एकीकृत लैब का निर्माण कराया जाएगा। लैब निर्माण के लिए अस्पताल में भवन का चयन भी कर लिया गया है। पुराने कोरोना वार्ड को एकीकृत पैथालॉजी लैब का स्वरूप दिया जाएगा। इस लैब के बनने से एक ही छत के नीचे सभी प्रकार की जांच की सुविधाएं मिल सकेंगी।
एक करोड़ रुपए होंगे खर्च
एकीकृत पैथालॉजी लैब बनाए जाने के लिए केंद्र सरकार ने एक करोड़ रुपए का बजट प्रत्येक जिलों के लिए स्वीकृत किया है। बैतूल जिला अस्पताल को भी एक करोड़ रुपए पैथालॉजी लैब बनाए जाने के लिए दिए जाएंगे। एकीकृत पैथालॉजी के लिए पूरा सेटअप तैयार करके दिया जाएगा। वर्तमान में एकीकृत लैब जिला अस्पताल के नए भवन में संचालित की जा रही हैं लेकिन यहां जगह का अभाव होने के कारण मरीजों के जांच के लिए आने से भीड़ एकत्रित हो जाती है। जिसके कारण दिक्कतें आती है।
181 प्रकार की होती हैं जांच
वर्तमान में जिला अस्पताल में जो पैथालॉजी संचालित हैं उसमें 181 प्रकार की विभिन्न जांचें की जाती है। इसके अलावा जो जांच जिला अस्पताल में नहीं हो पाती हैं उसके लिए अनुबंध के तहत भोपाल से सैम्पल भेजकर जांच कराई जाती है। नई एकीकृत पैथालॉजी के बनने से जहां आधुनिक जांच मशीनें लगेंगी। वहीं 250 प्रकार की जांच भी संभव हो सकेगी। जांच के लिए मरीजों के सैंपल जिले से बाहर नहीं भेजने पड़ेंगे। साथ ही जांच रिपोर्ट भी तत्काल मरीजों को मिल सकेगी।
महीने भर में होते हैं 35 से 40 हजार टेस्ट
जिला अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हर महीने पैथालॉजी लैब में 35 से 40 हजार जांचें होती है। जांच का यह आंकड़ा वैसे तो ऑफ सीजन में इतना होता हैं लेकिन जब मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ता हैं तो 45 से 50 हजार जांचें होती हैं। इस साल जनवरी माह में 43 हजार 930 जांचें की गई। वहीं फरवरी में यह आंकड़ा 40 हजार पर था। चूंकि मरीजों की संख्या सालाना बढ़ रही हैं इस वजह से पैथालॉजी का विस्तार भी किया जाना जरूरी हो गया है ताकि लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके।
भवन में किया जा रहा बदलाव
पुराने कोरोना वार्ड में एकीकृत पैथालॉजी लैब का निर्माण कराया जाना है। जिला अस्पताल में पूर्व में इस भवन का इस्तेमाल दवाओं के गोदाम के रूम में किया जाता था, लेकिन कोविड 19 के बाद इसका इस्तेमाल कोरोना के मरीजों को भर्ती किए जाने के लिए किया गया। कोविड खत्म होने के बाद से यह भवन खाली पड़ा हुआ है। वर्तमान में इस भवन में खाली पड़े पोर्च पर दीवारें उठाकर बदलाव किया जा रहा है। ताकि अधिक जगह मिल सके। हालांकि अभी इसका क्या उपयोग किया जाएगा यह पता नहीं है।
इनका कहना
- केंद्र सरकार की योजना हैं कि जिले में एकीकृत आधुनिक जांच लैब बनाई जाएगी। प्रदेश के 17 जिलों में यह आधुनिक लैब बनाई जाना हैै। बैतूल जिला भी इसमें शामिल हैं। लैब निर्माण के लिए करीब एक करोड़ रुपए स्वीकृति किया जाएगा।
- डॉ अशोक बारंगा, सिविल सर्जन जिला अस्पताल बैतूल।
Published on:
11 Mar 2023 08:27 pm
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