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Intelligence Alert in MP: चुनाव से पहले ही भाजपा-कांग्रेस में फैली घबराहट! खुफिया अलर्ट ने भी बढ़ाई टेंशन

Intelligence Alert in MP- संवेदनशील क्षेत्रों में तक जाने से बच रहे हैं नेता! भाजपा-कांग्रेस में टेंशन...

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MP politics

Alert in MP: चुनाव से पहले ही भाजपा-कांग्रेस में फैली घबराहट! खुफिया अलर्ट ने भी बढ़ाई टेंशन

भोपाल। मध्यप्रदेश इन दिनों चुनावी तैयारियों के दौर से गुजर रहा है। इसी के चलते दोनों पार्टियां जनता को अपने पक्ष में करने के लिए पूरा जोर लगा रहीं हैं।

लेकिन इन सब के बीच अचानक राजनीति में एक ऐसा मोड़ आ गया है जिसके बाद दोनों पार्टियों में डर पैदा हो गया है। पार्टियों में पैदा हुए इस घबराहट के माहौल की स्थिति ऐसी हो गई है, कि नेता अब किसी क्षेत्र में जाने से तक बचने की कोशिश कर रहे हैं।

दरअसल एसटी-एससी एक्ट के पारित होने के बाद मध्यप्रदेश में सवर्ण समाज के कई संगठन इसके विरोध में आ गए हैं। सूत्रों के अनुसार एक ओर जहां कुछ संगठन मुखर हो चुके हैं, वहीं प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित कई जगहों पर संगठन सरकार को मजा चखाने की फिराक में हैं। ये संगठन सामने न आकर केवल अंदरुनी तौर पर तैयारी कर रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में ये संगठन मुखर होकर सामने आ गए हैं, जिसके चलते राजनीति क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। दरअसल ग्वालियर-चंबल संभाग में सवर्ण समाज के अनेक संगठन एक मंच पर आ रहे हैं।

यह भाजपा और कांग्रेस का तीखा विरोध कर रहे हैं। संसद में एसटी-एससी एक्ट के पारित होने के बाद मप्र में सबसे ज्यादा उबाल इसी क्षेत्र में दिखाई दे रहा है।

इसी के चलते शनिवार को गुना में केंद्रीय मंत्री थावरचंद्र गहलोत को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। वहीं इससे पहले गुरुवार को अशोकनगर में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के विरोध के बाद शुक्रवार को मुरैना में जिस तरह भाजपा सांसद प्रभात झा का तीखा विरोध हुआ।

प्रदेश में चुनाव से ठीक पहले सामने आ रहे इन विरोधों को देखते हुए राजनैतिक दलों में भोपाल से लेकर दिल्ली तक टेंशन का माहौल बना दिया है। वहीं जानकारी के अनुसार ग्वालियर में तो सड़क पर उतरकर विरोध करने करणी सेना, परशुराम सेना, गुर्जर महासभा ने हाथ मिला लिया है।

खुफिया एजेंसियों भी परेशानी...
बताया जाता है कि गुना, अशोकनगर व मुरैना के अलावा ग्वालियर-चंबल संभाग की घटनाओं ने भाजपा-कांग्रेस सहित खुफिया एजेंसियों को सकते में डाल दिया है। वहीं अब इस क्षेत्र में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को जन आशीर्वाद यात्रा लेकर जाना है और कांग्रेस को भी अपनी चुनावी सभाएं करनी हैं।

जबकि इससे पहले ही सवर्ण समाज द्वारा एक्ट के विरोध में जिस तरह सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रभात झा का विरोध किया गया। उससे देखते हुए दोनों दलों के नेता घबराए हुए हैं।

सूची बनाना शुरू...
वहीं यह बात भी सामने आ रही है कि पुलिस मुख्यालय ने भी सवर्ण समाज के उन लोगों की सूची बनाना शुरू कर दी है, जो इस विरोध का नेतृत्व कर रहे हैं। इस लड़ाई में भारतीय जन युग नाम का एक अनाम संगठन भी अचानक सक्रिय हो उठा है।

इस संगठन के बैनर पर रविवार यानि आज 3 दल भिंड, मुरैना और ग्वालियर में अलग-अलग प्रदर्शन कर भाजपा सांसद भागीरथ प्रसाद, अनूप मिश्रा और नरेन्द्र सिंह तोमर से इस्तीफे की मांग करेंगे। वहीं एक्ट का विरोध करने के लिए अनेक व्हाटसएप गु्रप भी बनाए गए हैं, जिसके माध्यम से प्रदर्शन की जानकारियां दी जा रही हैं।

खुफिया एजेंसी भी सक्रिय...
सूत्रों के अनुसार सवर्ण समाज के विरोध के बाद राज्य की खुफिया एजेंसी भी अलर्ट हो गई है। अभी जहां विरोध हो चुके हें अब उन्हीं क्षेत्रों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जन आशीर्वाद यात्रा पहुंचना है।

इसके अलावा दूसरे दलों के नेताओं की भी सभा होना है। विरोध को देखते हुए पुलिस मुख्यालय इन जिलों के पुलिस अधीक्षकों से पल-पल की रिपोर्ट ले रहा है। विरोध का नेतृत्व करने वाले नेताओं की सूचियां तैयार की जा रही हैं।

सबसे खास बात...

राजनीति के जानकार डीके शर्मा के अनुसार इस पूरे मामले में सबसे खास बात ये है कि ये संगठन किसी एक दल का विरोध न कर दोनों का ही विरोध कर रहे हैं। दरअसल सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलटने के समय किसी ने भी इसका विरोध नहीं किया था, जिसके चलते दोनों ही दल इन संगठनों के निशाने पर हैं।

वहीं इन दलों में इस बात को लेकर ज्यादा डर है कि अब के चुनाव में ये मुद्दा कहीं उन्हें ले न डूबे। वहीं जानकार इसमें ज्यादा नुकसान भाजपा को बता रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि विरोध के सामने आ रहे स्वरों के बीच नेता अब उन जगहों पर जाने से बचने की कोशिश कर रहे हैं, जहां के संगठन मुखर हो चुके हैं।