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ट्विशा केस: “मोबाइल-लैपटॉप में दर्ज हैं राज उन्हें सील ही नहीं ​किया”, हेराफेरी का शक, नया खुलासा

Twisha Sharma Case- रिटायर्ड जज गिरिबाला, बेटे समर्थ से जब्ती सील पैक, ट्विशा के मोबाइल-लैपटॉप की जब्ती में हेराफेरी का शक गहराया

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Twisha Sharma mobile and laptop were not even sealed

Twisha Sharma Case- Photo source Patrikia.com

Twisha Sharma - भोपाल में एक्ट्रेस व मॉडल ट्विशा मौत मामले में एक और नया खुलासा हुआ है। इससे जब्ती में हेराफेरी का शक गहरा गया है। ट्विशा Twisha Sharma के मोबाइल-लैपटॉप की जब्ती में गड़बड़ी की आशंका है। पता चला है कि इन्हें सील ही नहीं किया गया था। दो अलग-अलग जब्ती दस्तावेजों की तुलना के बाद जांच प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस बीच आरोपी पूर्व जज गिरिबाला सिंह और समर्थ की न्यायिक अभिरक्षा आज पूरी हो रही है। दोनों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

थाना प्रभारी की ओर से जब्ती में मोबाइल और हेड फोन सीलबंद हालत में जब्त करने का जिक्र

कोर्ट में दिए दस्तावेजों के अनुसार 13 मई को उप-निरीक्षक दिनेश शर्मा की ओर से जब्त सामान (फंदा, मोबाइल फोन और लैपटॉप आदि) कथित तौर पर सील नहीं किए गए थे। 23 मई को थाना प्रभारी सुनील दुबे की ओर से जब्ती में गिरिबाला सिंह का मोबाइल और हेड फोन सीलबंद हालत में जब्त करने का जिक्र है।

जानकारी में इस अंतर को लेकर जांच की पारदर्शिता और साक्ष्यों की सुरक्षा पर सवाल

जब्त सामानों की जानकारी में इस अंतर को लेकर जांच की पारदर्शिता और साक्ष्यों की सुरक्षा पर सवाल उठाए जा रहे हैं। भोपाल पुलिस के जांच अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।

जब्त सामग्री को सील नहीं करने से साक्ष्यों के साथ संभावित छेड़छाड़

दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद ट्विशा के वकील अंकुर पांडेय ने दावा किया कि जब्त सामग्री को सील नहीं करने से साक्ष्यों के साथ संभावित छेड़छाड़ की गई है। हालांकि पुलिस की ओर से अधिकृत जवाब नहीं दिया गया है।

आरोपियों की कोर्ट में पेशी आज

उधर, गिरिबाला और समर्थ की न्यायिक अभिरक्षा मंगलवार को पूरी होने पर कोर्ट में पेश किया जाएगा। सीबीआइ नए साक्ष्यों के आधार पर पक्ष रखेगी। रिटायर्ड जज गिरिबाला और बेटे समर्थ सिंह को पूछताछ के लिए पुन: रिमांड पर लिए जाने की अटकलें लगाई जा रहीं हैं।

पुलिस व एसआइटी की जांच और सीजर प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जा रहे

बता दें कि मामले में पुलिस व एसआइटी की जांच और सीजर प्रक्रिया को लेकर पहले से सवाल उठाए जा रहे हैं। जिस बेल्ट से ट्विशा का शव लटका हुआ था, उसकी जब्ती और सील करने की प्रक्रिया के बजाय थानेदार दिनेश के कार से मिला था। घटनास्थल पर दो बेल्ट मिले थे। इनमें एक को जब्त ही नहीं किया गया था। साक्षियों के साइन नहीं किए जाने से साफ है कि उसे सील नहींं किया गया था।