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दो साल बाद भोपाल में फिर होगा अंतर्राष्ट्रीय हर्बल मेला

- इस वर्ष से सतना में भी शुरू होगा वन मेला - भोपाल में मेला 22 से 26 दिसम्बर तक लाल परेडग्राउंड में अयोजित किया जाएगा

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भोपाल

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Ashok Gautam

Oct 24, 2021

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अब जड़ी-बूटियों से होगा कोरोना का इलाज? WHO ने हर्बल ट्रायल का किया समर्थन

भोपाल। प्रदेश में दो वर्ष बाद फिर से भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय हर्बल मेला आयोजित होगा। कोरोना संक्रमण के चलते यह मेला दो सालों से आयोजित नहीं हो पाया था। भोपाल के अलावा यह मेला इस वर्ष से सतना जिले में भी होगा, लेकिन यहां जनवरी-फरवरी में किया जाएगा। जबकि भोपाल में मेला 22 से 26 दिसम्बर तक लाल परेडग्राउंड में अयोजित किया जाएगा।
मेले का स्वरूप कोरोना प्रोटोकाल के हिसाब से तैयार किया जाएगा, जिससे लोगों की भीड़ एक स्थान पर ज्यादा जमा न हो सके। इसके अलावा प्रवेश और निकासी की व्यवस्था भी अलग अलग तरफ से होगी। यहां पर सेनेटाइजर और मास्क की भी व्यवस्था की जाएगी, जिससे लोग हैंड सेनेटाइज करके ही लोग प्रवेश करें।

मेले में बाबा रामदेव की कंपनी पातंजलि अयूर, डाबर, बैद्यनाथ जैसे बड़ी-बड़ी और अंतर्राष्ट्रीय आयुर्वेदिक कंपनियों को आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा आयुर्वेद में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त डाक्टरों और वैज्ञानिकों को इस मेले में बुलाया जाएगा, जो न केवल लोगों को रोगों के उपचार की जानकारी देंगे, बल्कि इम्युनिटी को बढ़ाने वाली जड़ी बूटियों के संबंध में बताएंगे। इसके साथ ही देश के विभिन्न पहाड़ी क्षेत्रों और जंगलों से जड़ी बूटियों को संग्रहित करने वाले जानकारों और नाड़ी बैद्यों को भी बुलाया जा रहा है।


हाईटेक होगा वन मेला
इस वर्ष वन मेला पूरी तरह से हाईटेक होगा। विदेश में रहने वाले डॉक्टर और आयुर्वेदाचार्य ऑन लाइन जुड़ेगे। इसके अलावा उन्हें यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी कि उन्हें हर दिन बात करने के लिए एक लिंक उपलब्ध रहे, जिससे वे यहां मरीजों को आन लाइन उपचार के परामर्श दे सकें। आयुर्वेदिक दवाओं पर अंतर्राष्ट्रीय बेविनार होगा। जिसमें पूरे देश विदेश के डाक्टर और शोधकर्ता जुड़ेगे।

इम्युनिटी बुस्अप पर होगा फोकस
वन मेला इम्युनिटी बुस्टप पर फोकस होगा। इसमें जड़ी बूटियों के स्टाल ज्यादा से ज्यादा लगाए जाएंगे। इम्युनिटी बढ़ाने के लिए देशी और घरेलू नुस्खे की जानकारी दी जाएगी। मप्र लघु वनोपज संघ के एमडी पुष्कर सिंह का कहना है कि मेले का स्वरूप इस वर्ष डिजिटलाइज होगा। इसे इम्युनिटी बढ़ाने की औषधियों पर पूरी तरह से केन्द्रित किया गया है।